कोलकाता: भारतीय जनता पार्टी की बंगाल में प्रस्तावित रथयात्रा पर सर्वोच्च न्यायालय द्वारा मंगलवार को सशर्त प्रतिबंध लगाए जाने के बाद पार्टी के महासचिव ने कहा कि पार्टी ममता बनर्जी सरकार की चालों से डरी नहीं है और सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के दायरे में अपने राजनीतिक कार्यक्रम को जारी रखेगी. तथ्यों पर गौर करने के बाद सर्वोच्च न्यायालय की पीठ ने पाया कि रथयात्रा के कारण कानून व्यवस्था भंग होने का बंगाल सरकार का डर ‘बेबुनियाद’ नहीं है और भाजपा को इस डर को खत्म करना होगा.

अदालत ने हालांकि भाजपा को बैठकें व अन्य संपर्क कार्यक्रम आयोजित करने की इजाजत दी, जिस पर बंगाल सरकार की सहमति हो. भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव ने यहां संवाददाताओं से कहा, हम सर्वोच्च न्यायालय का आदेश स्वीकार करते हैं. आगे की कार्रवाई के लिए हम पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व से बात करेंगे. हम अपनी राजनीतिक बैठकों और व्यापक रैलियों का ब्ल्यू प्रिंट तैयार करेंगे.

उन्होंने दावा किया, “ममता को अगर लगता है कि वे भाजपा की यात्रा रोक कर भाजपा को रोक लेंगी तो वे गलत हैं. भाजपा बंगाल की सड़कों पर जारी रहेगी. हमने राज्य में कई राजनीतिक कार्यक्रमों की योजना बनाई है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पार्टी अध्यक्ष अमित शाह, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह जल्द बंगाल आएंगे. सिन्हा ने आगे कहा कि अदालत को ममता सरकार द्वारा यात्रा के दौरान शांति भंग की संभावना की फर्जी खुफिया रिपोर्ट के सहारे गुमराह किया गया है. वहीं दूसरी तरफ बंगाल कांग्रेस नेतृत्व ने शीर्ष अदालत के निर्णय का स्वागत किया है और भाजपा पर धर्म के नाम पर लोगों को डराने का आरोप लगाया है.