नई दिल्ली: कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा को लेकर बीजेपी नेताओं के आपत्तिजनक बयान जारी हैं. बीजेपी नेता और राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने प्रियंका गांधी को लेकर ऐसा ही बयान दिया है. सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा, उसको (प्रियंका को) एक बीमारी है, जो सार्वजनिक जीवन में अनुकूल और उपयुक्त नहीं है. उसको bipolarity कहते हैं, यानी उसका हिंसावादी चरित्र दिखाई पड़ता है. लोगों को पीटती है. पब्लिक को पता होना चाहिए कि प्रियंका गांधी कब संतुलन खो बैठेगी, किसी को पता नहीं है.

इससे पहले सक्रिय राजनीति में प्रियंका गांधी वाड्रा के प्रवेश पर बीजेपी महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने गांधी परिवार की इस सदस्य की तुलना करीना कपूर और सलमान खान जैसे फिल्मी सितारों से की. इसके साथ ही उन्होंने तंज किया कि कांग्रेस इन बॉलीवुड कलाकारों के चॉकलेटी चेहरों के बूते अगला लोकसभा चुनाव लड़ना चाहती है.

विजयवर्गीय ने शनिवार को कहा, कभी कोई कांग्रेस नेता मांग करता है कि करीना कपूर को भोपाल से लोकसभा चुनाव लड़वाया जाये, तो कभी इंदौर से चुनावी उम्मीदवारी को लेकर सलमान खान के नाम पर चर्चा की जाती है. इसी तरह, प्रियंका को कांग्रेस की सक्रिय राजनीति में ले आया जाता है. बीजेपी महासचिव ने कहा, अगर कांग्रेस में राहुल के नेतृत्व के प्रति आत्मविश्वास होता, तो प्रियंका को सक्रिय राजनीति में नहीं लाया जाता.

वहीं बीजेपी के वरिष्ठ नेता और बिहार के मंत्री विनोद नारायण झा ने शुक्रवार को विवादित बयान देते हुए कहा था कि कांग्रेस की नवनियुक्त महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा बेहद खूबसूरत हैं और इसके अलावा उनमें कोई और गुण नहीं है. उनकी पार्टी को यह याद रखना चाहिए कि सुंदरता से वोट नहीं मिलते. हालांकि जन स्वास्थ्य और अभियंत्रिकी मंत्री झा के इस बयान को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जद (यू) ने खारिज कर दिया था. प्रियंका गांधी के सक्रिय राजनीति में आने को लेकर पूछे गए एक सवाल के जवाब में झा ने कहा था, सुंदर होने के अलावा, मुझे प्रियंका गांधी में कोई गुण नहीं दिखता. प्रकृति ने उन्हें सुदंर बनाया है, लेकिन कांग्रेस को याद रखना चाहिए कि सुंदरता से वोट नहीं मिलते.

वहीं कांग्रेस ने बीजेपी नेताओं के विवादित बयानों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं भाजपा पर निशाना साधा औेर सवाल किया कि आखिर प्रियंका के सक्रिय राजनीति में उतरने को लेकर सत्तारूढ़ पार्टी में बौखलाहट क्यों है. पार्टी के वरिष्ठ प्रवक्ता आनंद शर्मा ने संवाददाताओं से कहा, ‘मैं किसी भी घटिया टिप्पणी को अपनी प्रतिक्रिया से सम्मान नहीं दे सकता. ऐसी बातें शायद प्रधानमंत्री को अच्छी लगें. इस पर प्रधानमंत्री जी को और अमित शाह जी को बोलना चाहिए कि क्या वे ऐसी घटिया टिप्पणियों का अनुमोदन करते हैं? देश ये जानना चाहता है.