रांची: लोकसभा चुनाव में चूंकि जीतने की क्षमता को उम्मीदवारी का मुख्य मानक माना जा रहा है, लिहाजा झारखंड में सत्ताधारी भाजपा अपने कुछ मौजूदा सांसदों के टिकट काट सकती है. झारखंड भाजपा के अध्यक्ष लक्ष्मण गिलुवा और मुख्यमंत्री रघुबर दास ने मंगलवार को पार्टी नेताओं के साथ नई दिल्ली में एक बैठक की. भाजपा सूत्रों ने कहा कि नेताओं ने कम से कम चार लोकसभा सांसदों -रांची से राम टहल चौधरी, धनबाद से टी.एन. सिंह, कोडरमा से रविंद्र कुमार रे और खूंटी से करिया मुंडा- के टिकट काटने पर चर्चा की.

लोकसभा के पूर्व उपाध्यक्ष करिया मुंडा के स्थान पर पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा को टिकट दिया जा सकता है. लोहरदगा से लोकसभा सांसद और केंद्रीय मंत्री सुदर्शन भगत को झारखंड विधानसभा के अध्यक्ष दिनेश ओरांव और भाजपा विधायक शिवशंकर ओरांव से खतरा है. झारखंड में पहली बार भाजपा आल झारखंड स्टूडेंट्स यूनियन (आजसू) के साथ गठबंधन कर चुनाव लड़ रही है. भाजपा ने गिरीडीह सीट आजसू को दे दी है और राज्य की 14 में से 13 सीटों पर खुद चुनाव लड़ रही है.

झारखंड में भाजपा और सत्तारूढ़ गठबंधन के सहयोगी दल आज्सू ने बीते रविवार को कहा था कि वे लोकसभा चुनाव एक साथ मिलकर लड़ेंगे. भगवा पार्टी 13 सीटों पर चुनाव लड़ेगी और आज्सू गिरीडीह सीट से अपना प्रत्याशी उतारेगी. भाजपा के प्रदेश महासचिव दीपक प्रकाश ने कहा था, भाजपा और आज्सू पार्टी 19 साल पहले झारखंड के निर्माण के बाद से ही विधानसभा चुनाव मिलकर लड़ती रही हैं। यह पहली बार है कि हम आम चुनाव में भी साथ मिलकर लड़ रहे हैं.

उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फिर से सत्ता में लाने के उद्देश्य से झारखंड में राजग गठबंधन बना है. यही समय की मांग है. यह पूछे जाने पर कि भाजपा उम्मीदवारों की सूची कब जारी करेगी, प्रकाश ने कहा कि संसदीय बोर्ड इस पर फैसला लेगा. आज्सू अध्यक्ष एवं पूर्व उपमुख्यमंत्री सुदेश महतो ने पीटीआई-भाषा से कहा कि दोनों पार्टी सभी 14 सीटों पर जीतने के लिए मिलकर काम करेंगी. महतो ने कहा कि जब भी भाजपा चाहेगी मैं प्रचार करूंगा. झारखंड में 29 अप्रैल से चार चरणों में चुनाव होने हैं.