नई दिल्ली: मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर के निधन के बाद गोवा में नए सीएम की तलाश तेज हो गई है. पर्रिकर गोवा में गठबंधन सरकार का नेतृत्व कर रहे थे जिसमें भाजपा, गोवा फॉरवर्ड पार्टी, एमजीपी और निर्दलीय शामिल थे. नया मुख्यमंत्री चुनने को लेकर रविवार देर रात नितिन गडकरी के साथ हुई विधायकों की मीटिंग में कोई फैसला नहीं हो पाया. गोवा के डिप्टी स्पीकर माइकल लोबो ने बताया कि मुख्यमंत्री के लिए बीजेपी में दो नाम सामने आए हैं. प्रमोद सावंत और विश्वजीत राणे. उन्होंने बताया कि एमजीपी के सुदीन धवलीकर ने मुख्यमंत्री बनने की इच्छा जताई है. उन्होंने बीजेपी के सामने अपनी मांग रखी है, लेकिन पार्टी उनके नाम पर सहमत नहीं है. वहीं दूसरी ओर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात के बाद सुदीन धवलीकर ने कहा कि विधायकों से मुलाकात के बाद वह एक घंटे में फैसला लेंगे. इसके बाद पता चलेगा कि मुख्यमंत्री कौन बनेगा.

बता दें कि कांग्रेस वर्तमान में 14 विधायकों के साथ राज्य में सबसे बड़ी पार्टी है जबकि 40 सदस्यीय गोवा विधानसभा में भाजपा के पास 12 विधायक हैं. गोवा फॉरवर्ड पार्टी, एमजीपी और निर्दलीयों के तीन..तीन विधायक हैं जबकि राकांपा का एक विधायक है. इस साल के शुरू में भाजपा विधायक फ्रांसिस डिसूजा और रविवार को पर्रिकर के निधन और पिछले साल कांग्रेस के दो विधायकों सुभाष शिरोडकर और दयानंद सोपटे के इस्तीफे के कारण सदन में विधायकों की संख्या 36 रह गई है.

वहीं राज्य में सबसे बड़ी पार्टी होने के कारण कांग्रेस ने भी सरकार बनाने का दावा पेश किया है. राज्य में किसी के पास बहुमत नहीं है. अब सबकुछ राज्यभवन पर टिका है कि राज्यपाल क्या फैसला लेती हैं. वहीं इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक राज्य मं राष्ट्रपति शासन भी लग सकता है.

पणजी विधानसभा सीट का प्रतिनिधित्व करने वाले पर्रिकर के निधन के बाद इस सीट पर उपचुनाव कराने की जरूरत होगी. यह गोवा में चौथा उपचुनाव होगा. यहां 23 अप्रैल को शिरोडा, मांडरेम और मापुसा विधानसभा सीटों के लिए उपचुनाव होने हैं. इन सीटों के लिए उपचुनाव राज्य में होने वाले लोकसभा चुनाव के साथ होंगे.

रविवार को हुई बैठक में गोवा फॉरवर्ड पार्टी के प्रमुख विजय सरदेसाई सहित उनके तीन विधायकों और एमजीपी के तीन विधायकों ने राज्य परिवहन मंत्री सुदीन धवलीकर के नेतृत्व में हिस्सा लिया. बैठक में प्रदेश भाजपा के संगठन महासचिव सतीश धोंड, निर्दलीय विधायक और राज्य के राजस्व मंत्री रोहन खौंते तथा कला एवं संस्कृति मंत्री गोविंद गावडे भी मौजूद थे. धोंड बैठक के बीच से ही बाहर आ गए और गठबंधन के नए नेता के चयन से जुड़े मीडिया के किसी सवाल का जवाब नहीं दिया.

सरदेसाई ने कहा कि अगले नेता का फैसला गठबंधन के सभी सहयोगियों के मिलने के बाद होगा. उन्होंने कहा कि किसी गैर-विधायक को मुख्यमंत्री बनाने की सलाह मिली है, हम उस पर भी विचार कर रहे हैं. यह पूछे जाने पर कि क्या गठबंधन के सभी पुराने सहयोगी भाजपा के साथ हैं, सरदेसाई ने कहा कि किसी पर भी अति-विश्वास नहीं करना चाहिए. राज्य विधायी विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “मुख्यमंत्री पर्रिकर के निधन के बाद सत्तारूढ़ गठबंधन को अपना नेता चुनने के बाद राज्यपाल के समक्ष दावा पेश करना होगा. इसमें समर्थन का पत्र भी होगा.