मुंबई. भाजपा 16 जुलाई को 11 सीटों के लिए होने वाले द्विवार्षिक चुनाव के बाद महाराष्ट्र विधान परिषद में सबसे बड़ी पार्टी बनने की राह पर है. चुनाव आयोग (ईसीआई) ने जुलाई के अंत में रिक्त हो रही परिषद की 11 सीटों के लिए चुनाव तारीखों की घोषणा पिछले सप्ताह की थी. विधानसभा के सदस्य इन सीटों के लिये चुनाव में मतदान करेंगे. जिन 11 सदस्यों की सदस्यता 27 जुलाई को समाप्त हो रही है उसमें से चार राकांपा से, तीन कांग्रेस, दो भाजपा और एक-एक शिवसेना एवं भारतीय शेतकरी कामगार पक्ष (पीडब्ल्यूपी) के सदस्य हैं. Also Read - Maharashtra Covid-19 Update: महाराष्ट्र में एक दिन में 12 हजार से अधिक नए मामले, 390 लोगों की मौत, मुंबई सहित इन जिलों का है बुरा हाल

विधानसभा में संख्या बल के आधार पर भाजपा आसानी से पांच और शिवसेना दो सीटें जीत सकती हैं. वहीं कांग्रेस तथा राकांपा के बीच बनी सहमति के अनुसार कांग्रेस दो सीट और राकांपा एक सीट जीत सकती है. माना जा रहा है कि पीडब्ल्यूपी के निवर्तमान विधान पार्षद जयंत पाटिल अपनी सीट बचा ले जाएंगे. राकांपा के सूत्र ने कहा , ‘‘कांग्रेस के साथ बनी समझ के अनुसार उन्होंने हमें दो सीटों पर समर्थन दिया था (पिछले वर्ष) जिसके कारण हम (रामराजे) निंबाल्कर को परिषद सभापति तथा धनंजय (मुंडे) को विपक्ष के नेता के तौर पर चुन पाए.’’ Also Read - Maharashtra Covid-19 Update: महाराष्ट्र में कोरोना वायरस संक्रमण के 12,248 नए मामले, 390 लोगों की मौत

उन्होंने कहा कि इसलिए इस बार के चुनाव में राकांपा कांग्रेस को दो सीटें देगी वहीं शरद पवार की पार्टी केवल एक ही सीट लेगी. उन्होंने कहा, ‘‘हमने बाबाजानी दुर्रानी को अपना उम्मीदवार चुन लिया है.’’ वर्तमान में 78 सदस्यीय विधान परिषद में राकांपा के 20, कांग्रेस के 18, भाजपा के 20, शिवसेना के 11, जद-यू का एक, पीडब्ल्यूपी-आई का एक, पीआरपी का एक और छह निर्दलीय हैं. Also Read - जम्मू-कश्मीर में नेताओं पर बढ़े हमले पाकिस्तान की हताशा: भाजपा

निर्वाचन आयोग द्वारा घोषित चुनावी कार्यक्रम के मुताबिक , नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि पांच जुलाई है। छह जुलाई को नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी और नौ जुलाई तक नामांकन पत्र वापस लिया जा सकेगा. 16 जुलाई को मतदान कराया जाएगा और उसी दिन शाम में मतों की गिनती और परिणाम की घोषणा की जाएगी. भाजपा के प्रवक्ता माधव भंडारी ने कहा, ‘‘हमारी ताकत तथा मौजूदा कानून के अनुसार 16 जुलाई के बाद सत्ता समीकरण बदल जाएंगे.’’ भाजपा के एक सूत्र ने नाम गोपनीय रखने की शर्त पर बताया कि एक बार पार्टी ऊपरी सदन में सबसे बड़ी पार्टी बन जाए उसके बाद पार्टी सभापति पद के लिए प्रयास करेगी.