भुवनेश्वर: देश भर में पिछले कई दिनों से नागरिकता विधेयक,एनपीआर और एनआरसी के खिलाफ प्रदर्शन जारी है. इस विरोध प्रदर्शन में छात्रों के साथ, महिलाएं और पेशेवर लोग भी शामिल हैं. देश के कई मुख्य शहरों से हो कर यह आंदोलन अब गांव देहात तक भी पहुंच गया है. और इसी सिलसिले में भाजपा के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री प्रताप सारंगी ने मंगलवार को कहा कि राष्ट्रीय जनसंख्या पंजी (एनपीआर) के अद्यतन के दौरान सबको अपने पूर्वजों के मूल निवास के बारे में जानकारी देना ज़रूरी है, क्योंकि इसका संबंध राष्ट्रीय सुरक्षा से है. सारंगी के बयान के कुछ घंटे पहले बीजद के वरिष्ठ सांसद पिनाकी मिश्रा ने कहा था कि मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के नेतृत्व वाली पार्टी एनपीआर में लोगों के माता-पिता के जन्म स्थान के बारे में सवाल पूछने वाले प्रावधान का विरोध करती है. Also Read - सिर्फ बिहार ही नहीं, देश में सभी को कोविड-19 का टीका निशुल्क उपलब्ध कराया जाएगा: केंद्रीय मंत्री सारंगी

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सारंगी ने कहा, “ मुझे लगता है कि एनपीआर अद्यतन के दौरान व्यक्तियों को पूर्वजों की जानकारी देने ज़रूरी है. लोग पाकिस्तान या बांग्लादेश से आने के बाद यहां अपने मूल निवास को गुप्त रखकर लाभ उठा सकते हैं.” केंद्रीय पशुपालन, डेयरी और मत्स्य पालन और एमएसएमई राज्य मंत्री ने यहां संवाददाताओं से कहा, “ इससे भविष्य में समस्याएं पैदा हो सकती हैं. यह राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा है, इसलिए इस मोर्चे पर कोई समझौता नहीं होना चाहिए. ये मेरा विचार है.” Also Read - सुशांत सिंह सुसाइड केस पर अब राजनीति हुई तेज़, कांग्रेस ने लिखा गृहमंत्री को पत्र, उठाई ये मांग

लोकसभा में बीजद संसदीय दल के नेता पिनाकी मिश्रा ने पहले कहा था कि ओडिशा सरकार एनपीआर को अपडेट करने के दौरान एक खंड को लागू नहीं करेगी जो व्यक्ति के माता-पिता के जन्मस्थान से संबंधित है. इस बीच, कांग्रेस नेता और कोरापुट के सांसद सप्तगिरि उल्का ने कहा, “कांग्रेस व्यक्तियों से उनके माता-पिता के जन्म स्थान का उल्लेख करने के प्रावधान के विरोध में है. हम सीएए, एनआरसी के साथ-साथ एनपीआर के भी विरोध में हैं.”