बेंगलुरू: कर्नाटक के मोलकालमोरू से भाजपा विधायक बी श्रीरामुलू उत्तर कर्नाटक को अलग राज्य बनाने की मांग करने वालों का समर्थन करने के कुछ ही घंटों बाद अपने बयान से पलट गए और कहा कि उन्होंने राज्य के बंटवारे का कभी समर्थन नहीं किया है. Also Read - Lockdown: इस राज्य में खाली हुआ सरकारी खजाना, कर्मचारियों को देने के लिए भी नहीं बचे पैसे

दरअसल, श्रीरामुलू ने इससे पहले संवाददाताओं से कहा था कि वह उत्तर कर्नाटक के लिए अलग राज्य की मांग करते हुए कुछ संगठनों द्वारा दो अगस्त को किए जाने वाले बंद के आह्वान का समर्थन करेंगे. Also Read - COVID-19: मुख्यमंत्री की घोषणा- पूरे कर्नाटक में लाकडाउन, यूपी में 27 मार्च तक बढ़ी समय सीमा

श्रीरामुलू ने कहा था,‘‘यदि उत्तर कर्नाटक के साथ अन्याय किया गया तो हम चुप नहीं बैठेंगे. हम उत्तर कर्नाटक के विधायकों से चर्चा कर रहे हैं. बस इंतजार करिए और देखिए, हम आगे क्या करते हैं. अलग तेलंगाना की तरह यह आंदोलन भी एक बड़ी क्रांति होगा.’’ भाजपा विधायक ने कहा कि गठबंधन सरकार ने उत्तर कर्नाटक की अनदेखी की है. मुख्यमंत्री कुमारस्वामी पक्षपात की राजनीति कर रहे हैं.

हालांकि, उनके रूख को भाजपा द्वारा नामंजूर किए जाने के बाद श्रीरामुलू अपने बयान से पलट गए और कहा कि उनका कहने का मतलब था कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि उत्तर कर्नाटक को अलग राज्य बनाने की मांग की जा रही है. श्रीरामुलू ने एक बयान में कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि गठबंधन सरकार के सौतेले व्यवहार के चलते अलग राज्य के लिए संघर्ष शुरू हुआ.

गौरतलब है कि प्रदेश भाजपा प्रमुख बीएस येदियुरप्पा पहले ही कह चुके हैं कि इस तरह की मांग से कोई समाधान नहीं होगा. पार्टी सांसद शोभा करंदलजे ने भी अलग राज्य की मांग खारिज कर दी है.