बेंगलुरू. विवादास्पद बयान देते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा विधायक बासनगौड़ा पाटिल यतनाल ने बुद्धिजीवियों को देश के लिए ‘‘खतरा’’ बताया है. कहा है कि अगर वह गृह मंत्री होते तो उन्हें गोली मारने का आदेश देते. यतनाल ने एक कार्यक्रम में कहा, ‘भारत के लोग विकास के लिए हजारों करोड़ रूपये कर चुकाते हैं. वे इसी देश में रहते हैं और हमारे द्वारा चुकाए कर से खाते हैं। फिर वे हमारे सैनिकों और भारत के खिलाफ नारेबाज़ी करते हैं.’

विजयपुरा में कल करगिल विजय दिवस के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, ‘त्रासदी है कि हमारे देश के ही बुद्धिजीवी और धर्मनिरपेक्ष लोग उनसे ज्यादा खतरनाक हैं.’ उन्होंने कहा, ‘किस तरह का वे बयान देते हैं … अगर मैं गृह मंत्री होता तो मैं ऐसे बुद्धिजीवियों को गोली मारने का आदेश देता.’

कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता के कथित बयान का हवाला देते हुए यतनाल ने सैनिकों की मौत पर मानवाधिकारों के उल्लंघन के बारे में मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और समूहों की चुप्पी पर सवाल किया. उन्होंने कहा, ‘इस देश में विपक्ष का एक नेता कहता है कि भारतीय सैनिक महिलाओं और बेकसूर नौजवानों को प्रताड़ित कर रहे हैं.’ उन्होंने कहा, ‘इस देश में लोग मानवाधिकार के बारे में बोलते हैं, लेकिन जब एक सैनिक की मौत होती है तो मानवाधिकार के बारे में बोलने के लिए कोई आगे नहीं आता, कोई इसकी निंदा नहीं करता.’

यह पहली बार नहीं है , जब यतनाल ने इस तरह का विवादित बयान दिया हो. पिछले महीने वह तब खबरों में आए थे जब उन्होंने पार्षदों से कहा कि उन्हें सिर्फ हिंदुओं का काम करना चाहिए जिन्होंने उन्हें वोट दिया है और मुस्लिमों का काम नहीं करना चाहिए. यतनाल सांसद और अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में राज्य मंत्री रह चुके हैं.