हैदराबाद: अगर कोई नेता विधानसभा का चुनाव जीत जाए फिर भी अगर वह शपथ लेने के तैयार न हो तो ये अपने आप में काफी अजीब बात होगी. जी हां, सियासत में तो कई अजब- गजब होते देखे जा सकते हैं. ताजा मामला दक्षिण भारत के तेलंगाना राज्य का है. दरअसल, तेलंगाना भाजपा के विधायक टी राजा सिंह ने रविवार को कहा कि वह एआईएमआईएम विधायक मुमताज अहमद खान की मौजूदगी में विधायक पद की शपथ नहीं लेंगे, क्योंकि एआईएमआईएम हिंदुओं के खिलाफ बोलती है. खान विधानसभा के अस्थायी अध्यक्ष के तौर कार्य करेंगे. विधानसभा चुनावों के बाद 17 जनवरी को नए विधानसभा के पहले सत्र के पहले दिन सभी विधायकों को शपथ दिलाई जाएगी.

गोशामहल से विधायक चुने गए सिंह ने अपने वीडियो संदेश में मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव से मांग की कि वह खान को विधानसभा के अस्थायी अध्यक्ष के तौर पर नियुक्त करने के निर्णय पर पुनर्विचार करें. खान ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के वरिष्ठ नेता हैं.

सिंह ने कहा, तेलंगाना के मुख्यमंत्री राव निजाम (हैदराबाद राज्य के पूर्व शासक) और एमआईएम के प्रशंसक रहे हैं. उन्होंने एमआईएम के विधायक को विधानसभा का अस्थायी अध्यक्ष नियुक्त करने का फैसला किया है… मैं विधानसभा नहीं जाऊंगा और उनकी मौजूदगी में विधायक पद की शपथ नहीं लूंगा. अन्य पार्टी के नेता जा सकते हैं, लेकिन मैं नहीं जाऊंगा.

भाजपा विधायक को भड़काऊ भाषण एवं विवादित बयान देने के लिए जाना जाता है. उन्होंने कहा कि वह खान की उपस्थिति में विधायक पद की शपथ नहीं लेना चाहते, क्योंकि एआईएमआईएम हिंदुओं के खिलाफ बोलती है और इसके नेता वंदे मातरम नहीं गाने या भारत माता की जय नहीं बोलने के लिए कहते हैं. सिंह ने कहा कि वह शपथ ग्रहण से संबंधित नियमों पर कानून विशेषज्ञों से सलाह-मशविरा लेंगे.

नवनिर्वाचित विधानसभा का पहला सत्र 17 से 20 जनवरी तक चलेगा. 16 जनवरी को खान राजभवन में विधानसभा के अस्थायी अध्यक्ष के तौर पर शपथ लेंगे. संपर्क किए जाने पर एआईएमआईएम के प्रवक्ता ने कहा कि पार्टी सिंह के बयान पर प्रतिक्रिया नहीं देना चाहती.