लखनऊ. लोकसभा चुनाव में भाजपा द्वारा टिकट से वंचित किये गए हरदोई सांसद अंशुल वर्मा बुधवार को सपा में शामिल हो गए. अध्यक्ष अखिलेश यादव की मौजूदगी में सपा में शामिल हुए वर्मा ने कहा, ‘मैं सपा में बिना शर्त शामिल हुआ हूं. टिकट नहीं दिये जाने के पीछे शायद मेरी गलती यह थी कि मैंने पासी समुदाय के एक सम्मेलन के दौरान मंदिर परिसर में शराब बांटने के खिलाफ आवाज उठाई थी.’

उन्होंने कहा, ‘मुझे उस पर दु:ख हुआ था और मैंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को इस बारे में पत्र भी लिखा था. उन्होंने कहा कि उनकी गलती ये भी हो सकती है कि उन्होंने अपने नाम के पहले ‘चौकीदार’ शब्द नहीं जोड़ा. खास बात ये है कि उन्होंने बीजेपी से इस्तीफा देने की तीन घंटे बाद ही सपा ज्वाइन कर लिया.

बता दें कि बीजेपी ने हरदोई से उनका टिकट काट दिया था. उनकी जगह पर पार्टी ने पूर्व सांसद जय प्रकाश रावत को प्रत्याशी बनाया है. इसके बाद से ही अंशुल लगातार बीजेपी के खिलाफ बयान दे रहे थे. उन्होंने यहां तक कहा था कि टिकट कटने का कारण अनुसूचित जाति (दलित) का होना है. उन्होंने बीजेपी पर आरोप लगाया कि पार्टी ने जिन सांसदों के टिकट काटे हैं उनमें 6 सांसद हैं.

अंशुल ने कहा कि उन्होंने 24 हजार करोड़ रुपये का विकास कार्य किया है. सदन में 94 फीसदी उपस्थिति रही है. इसके साथ ही ज्यादातर समय क्षेत्र में रहा हूं. उन्होंने कहा कि आज उनका दोष सिर्फ इतना है कि उन्होंने जनता की आवाज उठाई है.