गोरखपुर : डॉक्टर कफील खान ने सनसनीखेज आरोप लगाते हुए अपने भाई पर जानलेवा हमले का जिम्मेदार बीजेपी सांसद कमलेश पासवान और अशोक नगरिया को ठहराया. डॉक्टर कफील के मुताबिक़ उनके भाई पर जानलेवा हमला बीजेपी सांसद कमलेश पासवान और अशोक नगरिया ने उनकी जमीन पर कब्जे के नीयत से करवाया था. डॉक्टर कफील ने गोरखपुर पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए. उनका कहना है कि बीजेपी नेता के इशारे पर पुलिस ने गोली लगने के बावजूद गंभीर रूप से घायल उनके भाई के इलाज में रुकावट पैदा की. कफील ने कहा इस मामले में पुलिस ने अब तक कोई कार्यवाही नहीं की है.

डॉक्टर कफील ने प्रेस कांफ्रेंस में पुलिस को दोषी ठहराते हुए एसपी सिटी विनय सिंह और सीओ कैंट प्रवीण सिंह पर भी कार्रवाई की मांग की. उन्होंने कहा गोरखपुर पुलिस ने मेडिको लीगल के नाम पर मेरे भाई का 4 घण्टे तक इलाज रोके रखा. गौरतलब है कि 10 जून को देर रात डॉ. कफील खान के भाई कासिफ जमील अपने परिचित से मिलकर लौट रहे थे. इसी दौरान उन्हों दो बाइक सवारों ने गोली मार दी थी. कोतवाली थाने के निरीक्षक घनश्याम तिवारी के मुताबिक रात में करीब 11 बजे बाइक सवार कुछ बदमाशों ने जेपी अस्पताल के पास कासिफ जमील पर गोलियां चलाई थीं. जमील को 3 गोलियां लगी थीं.

डॉ. कफील खान गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में 63 बच्चों की मौत के बाद चर्चा में आए थे. उन पर आक्सीजन की कमी के चलते हुई इन बच्चों की मौत का आरोप है. अस्पताल में वॉर्ड सुपरिटेंडेंट कफील घटना के बाद फरार हो गए थे. उन्हें यूपी एटीएस ने लखनऊ से गिरफ्तार किया था. डॉक्टर कफील को सात माह बाद जमानत मिली थी. जेल से निकलने के बाद उन्होंने खुद को फंसाने के लिए प्रशासन के लोगों को जिम्मेदार ठहराया था. डॉक्टर कफील ने बीजेपी सांसद कमलेश पासवान पर अपने भाई पर हुए जानलेवा हमले का आरोप लगाया है वही उनकी मां ने परिवार के लिए पुलिस प्रोटेक्शन की मांग भी की थी.