नई दिल्ली: दिल्ली भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और उत्तर पूर्वी दिल्ली के सांसद मनोज तिवारी ने हाल ही में लद्दाख सीमा पर चीनी सेना की हिंसक झड़प में शहीद हुए सुनील कुमार के तीनों बच्चों की प्राथमिक स्तर से लेकर उच्च शिक्षा तक की जिम्मेदारी ली है. मनोज तिवारी ने बताया कि उन्होंने यह फैसला न्यूज चैनल पर शहीद सुनील कुमार के भाई अनिल कुमार के इंटरव्यू को देखने के बाद स्वयं की प्रेरणा से लिया है. उन्होंने कहा टीवी पर उन्होंने देखा कि अमर शहीद के भाई ने अपने भाई की शहादत बेकार न जाने के साथ-साथ शहीद के सपने को दुनिया के सामने रखा. Also Read - चीन से तनाव के बीच राजनाथ सिंह लद्दाख जाएंगे, सीमा पर सैनिकों से करेंगे बातचीत

अनिल कुमार ने कहा कि शहीद सुनील कुमार की इच्छा थी कि उनके बच्चे आर्मी स्कूल में उच्च स्तरीय शिक्षा प्राप्त करें. मनोज तिवारी ने कहा कि मेरे द्वारा की गई है पहल उस शहादत के आगे कोई मायने नहीं रखती, जो देश की रक्षा करते हुए शहीद सुनील कुमार ने अपने प्राणों की आहुति दे कर दी है. Also Read - पीएम मोदी ने चीन या गलवान में बिगड़ी स्थिति का नहीं किया ज़िक्र, लोगों को थी कुछ ऐसी उम्मीद

मनोज तिवारी ने कहा इससे मेरी भावना को संतुष्टि मिलेगी. उन्होंने देशवासियों से भी अपील की है कि सभी सक्षम लोग एकजुटता के साथ आर्मी के साथ खड़े हो और ऐसी पहल करें जिससे और लोगों को भी प्रेरित किया जा सके. इसके अलावा तिवारी ने एक लाख का चेक शहीद परिवार को तुरंत देने की घोषणा भी की. Also Read - भारत-चीन सीमा विवाद सुलझाने की एक और सैन्य कोशिश, कोर कमांडर स्तर की मीटिंग शुरू

बता दें कि बिहार के सुनील कुमार लद्दाख के गलवान घाटी में हुई झड़प में शहीद हो गए थे. चीनी सैनिकों द्वारा अचानक किये गए वार में हमारे देश के 20 सैनिक शहीद हो गए थे, जबकि 76 जवान घायल हो गए थे. चीन ने 10 जवानों को भी रिहा कर दिया, जो उसने अपने कब्जे में लिया था.