नई दिल्लीः लगातार 12 दिनों से संसद में गतिरोध और कार्यवाही न चल पाने से नाराज भोजपुरी गायक और बीजेपी सासंद मनोज तिवारी ने सांसदों की सैलरी काटने के लिए लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन को लेटर लिखा है. मनोज तिवारी ने लिखा है कि उन्हें दुख है कि शोर-शराबे के चलते सदन का महत्वपूर्ण समय बर्बाद हो रहा है. मर्यादा का पालन करने वाले जनप्रतिनिधि इस तरह अपनी जिम्मेदारी से भाग रहे हैं, यह बेहद दुख का विषय है. जब सांसद सदन में किसी भी तरह का काम नहीं होने दे रहे हैं तो ऐसे में उनकी सैलेरी काटी जाए. तिवारी ने पत्र में लिखा है कि अब समय आ गया है कि ”No Work No Pay” की पारदर्शी प्रक्रिया अपनाई जाए.Also Read - 'नव संकल्पों' से बढ़ेंगी मध्यप्रदेश के कांग्रेसियों की मुश्किलें, इसीलिए मुसीबत बन सकता है एक परिवार, एक टिकट फॉर्मूला

गौरतलब है कि तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के राजनीतिक दलों के हंगामे की वजह से मंगलवार को भी संसद की कार्यवाही बाधित रही और करीब 11 बज कर 25 मिनट पर ही उच्च सदन की बैठक पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई. हंगामे की वजह से मंगलवार भी उच्च सदन में शून्यकाल और प्रश्नकाल नहीं हो पाए. इराक में लापता 39 भारतीयों के मारे जाने के बारे में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने अपनी ओर से राज्यसभा में एक बयान दिया. Also Read - राहुल गांधी को कुमारस्वामी का जवाबः क्षेत्रीय दलों से डर रही है कांग्रेस, इन्हीं के बूते 10 साल तक सत्ता में रही

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इसके बाद सदन में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने एक संक्षिप्त बयान दिया. इसी बीच, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के राजनीतिक दलों अन्नाद्रमुक, द्रमुक, तेदेपा के सदस्यों ने आसन के समक्ष आ कर हंगामा शुरू कर दिया और बैठक पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई.

अन्नाद्रमुक और द्रमुक के सदस्य जहां कावेरी जल प्रबंधन बोर्ड गठित करने की मांग कर रहे थे, वहीं तेदेपा के सदस्य कडप्पा में एक इस्पात संयंत्र की स्थापना करने की मांग कर रहे थे. कांग्रेस सदस्य के वी पी रामचंद्र राव और वाईएसआर कांग्रेस के विजय साई रेड्डी आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग कर रहे थे. सोमवार को भी उच्च सदन में इन्हीं दलों के सदस्यों ने इन मुद्दों को लेकर हंगामा किया था और बैठक शुरू होने के करीब पांच मिनट बाद ही दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई थी.