नई दिल्ली: राज्यसभा में शुक्रवार को भाजपा के एक सदस्य ने देश में जनसंख्या विस्फोट की स्थिति पर काबू पाने के लिए सख्त कानून बनाए जाने की मांग की. भाजपा सदस्य हरनाथ सिंह यादव ने उच्च सदन में शून्यकाल में यह मांग की. उन्होंने कहा कि संसद के इसी सत्र में इस संबंध में प्रभावी कानून बनाया जाना चाहिए. Also Read - जेएनयू का चरित्र बदलने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेंगे: केंद्र सरकार

बीजेपी सांसद यादव ने मांग की कि जिन लोगों की दो से अधिक संतान हों, उन्हें सरकारी सुविधाएं नहीं मिलनी चाहिए. उन्होंने कहा कि दो बच्चों के नियम का उल्लंघन करने पर विभिन्न चुनाव लड़ने पर रोक भी लगा दी जानी चाहिए. यादव ने कहा कि जनसंख्या में तेजी से वृद्धि होने से पर्यावरण के साथ ही प्राकृतिक संसाधनों पर भी दबाव पड़ता है. Also Read - दिल्ली पुलिस ने शाहीन बाग में प्रदर्शन खत्‍म करने के लिए प्रदर्शनकारियों से कई बार बात की: सरकार

तृणमूल कांग्रेस के नदीमुल हक ने वाहन पंजीकरण के आंकड़ों को साझा किए जाने की नीति से लोगों की निजता के प्रभावित होने का मुद्दा उठाया. हक ने कहा कि परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के एक ऐप के जरिए लोगों की निजी जानकारी प्राप्त की जा सकती है. Also Read - पहले मुझे शपथ लेने दीजिए, विस्तार से चर्चा करूंगा कि मैंने यह पद क्यों स्वीकार किया: रंजन गोगोई

शून्यकाल में ही बीजद के प्रशांत नंदा ने 14वें वित्त आयोग की सिफारिशों के कारण विभिन्न योजनाओं में राज्यों तथा केंद्र की हिस्सेदारी में बदलाव आने का मुद्दा उठाया.

कांग्रेस के एल हनुमंतैया ने ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों में बिजली और अन्य आधारभूत ढांचे के अभाव का मुद्दा उठाया. उन्होंने ऐसे स्कूलों में सौर ऊर्जा के इस्तेमाल का सुझाव दिया.

आरजेडी के मनोज कुमार झा ने नियोजित शिक्षकों की समस्याओं से जुड़ा मुद्दा उठाया. उन्होंने विश्वविद्यालयों में खाली पदों को भरने के लिए पहल करने की मांग भी की.

टीडीपी के के रवींद्र कुमार ने आंध्र प्रदेश में तीन राजधानी स्थापित किए जाने का मुद्दा उठाया और इस संबंध में एक राष्ट्रीय नीति बनाए जाने की मांग की.