अगरतला: देश भर में नागरिकता विधयेक के खिलाफ प्रदर्शन जारी है. छात्रों के साथ कई पेशेवर लोग भी इस विरोध प्रदर्शन का हिस्सा बन रहे हैं. लेकिन इन सब के बीच इस विधेयक की आड़ में राजनीति ने भी अपना रंग ले लिया है. आरोप-प्रत्यारोप का खेल शुरू से ही सियासत का एक अहम हिस्सा रहा है. इसी सिलसिले में भाजपा के सांसद रेबती कुमार त्रिपुरा ने सोमवार को दावा किया किया कि उन्हें संसद में नागरिकता संशोधन विधेयक के समर्थन में वोट डालने पर प्रतिबंधित नेशनल लिबरेशन फ्रंट ऑफ त्रिपुरा से ‘धमकियां’ मिली हैं.

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चिंता जाहिर करते हुए पूर्वी त्रिपुरा क्षेत्र से सांसद ने कहा कि उन्हें पांच दिन पहले एनएलएफटी का पत्र मिला है जिसमें उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी गई है. उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘ उन्होंने मुझे धमकी दी है कि मैंने संसद में नागरिकता संशोधन कानून के समर्थन में वोट देकर राज्य के आदिवासियों के मुद्दों के साथ धोखा किया है. मैं एक पार्टी का सांसद हूं जिसने कैब के समर्थन में मतदान के लिए व्हिप जारी किया था. सभी को पता है कि अगर मैं व्हिप का उल्लंघन करता तो उसका परिणाम क्या होता.’’

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पहली बार सांसद बने रेबती यहां के प्रमुख जनजाति नेताओं में से एक हैं. उन्होंने कहा कि यहां के लोगों की आगे और अधिक अल्पसंख्यक बन जाने की चिंता जायज है. हालांकि उन्होंने दावा कि संशोधित नागरिकता कानून उन्हें प्रभावित नहीं करेगा. नेता ने कहा कि वह इस धमकी के सामने घुटने नहीं टेकेंगे बल्कि राज्य के आदिवासी लोगों के लिए काम करना जारी रखेंगे.

इनपुट-भाषा