नई दिल्ली: बीजेपी के सीनियर सांसद ने दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल को छुपा हुआ नक्सली बताते हुए 420 तक करार दे दिया और केजरीवाल के पक्ष में आए 4 राज्यों के मुख्यमंत्रियों ममता बनर्जी, चंद्रबाबू नायडू, एचडी कुमार स्वामी और पिनरई विजयन से पूछा कि आखिर वे उन्हें समर्थन क्यों दे रहे हैं?. उन्होंने दावा किया कि अरविंद केजरीवाल कुछ नहीं हैं. वह पूरी तरह से गायब हो गए हैं.

बीजेपी सांसद स्वामी ने अपने बयान में कहा, ” वह( अरविंद केजरीवाल) कुछ नहीं हैं. वह पूरी तरह से गायब हो गए हैं. मैंने 2जी स्पेक्ट्रम के बाद भ्रष्टाचार मुक्त भारत अभियान लॉन्च किया था. इसके बाद उसने एक ऐसे व्यक्ति को चुना जो असल दुनिया की राजनीति नहीं जानता है, जिसका नाम अन्ना हजारे है. उसने उनका सहारा लिया और फिर उनसे अलग हो गया. ये एक नक्सली है. एक जन्मजात नक्सली. वह हमेशा से छुपा नक्सली रहा है. वह 420 है. ऐसे में ये लोग क्यों उसका समर्थन कर रहे हैं.”

चार राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने केजरीवाल को दिया समर्थन
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के राजनिवास में 7 दिनों से जारी धरने को उनके समकक्ष चार राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने शनिवार को समर्थन किया. नीति आयोग की बैठक में भाग लेने राष्ट्रीय राजधानी आए पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और केरल के मुख्यमंत्रियों ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आवास पर शनिवार को प्रेस कान्फ्रेंस बुलाकर केजरीवाल के प्रति समर्थन प्रकट किया.

उपराज्यपाल से मांगा था मिलने का वक्त
बता दें कि प्रेसवार्ता में शनिवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममत बनर्जी ने कहा, “संवैधानिक संकट पैदा हो गया है.” वहीं, केरल के मुख्यमंत्री ने पिनारायी विजयन ने कहा, “यह सिर्फ दिल्ली की बात नहीं है बल्कि पूरे भारत का मसला है.” सभी नेताओं ने संयुक्त रूप से उपराज्यपाल को पत्र लिखकर उनसे मिलने का समय मांगा.

चारों सीएम को केजरीवाल से मिलने की नहीं मिली अनुमति
ममता बनर्जी और विजयन के अलावा आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू और कर्नाटक के मुख्यमंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने राजनिवास जाकर केजरीवाल से मिलने की अनुमति मांगी, मगर उनको अनुमति नहीं दी गई.

संवैधानिक संकट जैसी स्थिति
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि दिल्ली देश की राजधानी है और यहां की जनता ने जिसे जनादेश दिया है, उसे काम नहीं करने दिया जा रहा है. तरह-तरह की बधाएं डालकर दिल्ली सरकार को सिर्फ इसलिए परेशान किया जा रहा है, क्योंकि वह भाजपा की विरोधी है. एक मुख्यमंत्री को उपराज्यपाल के आवास पर जाकर धरना देना पड़े, यह बहुत ही दुख की बात है. छह दिन हो गए हैं, लेकिन उपराज्यपाल केजरीवाल से मिल नहीं रहे हैं, बात नहीं कर रहे हैं, जिससे संवैधानिक संकट जैसी स्थिति बन गई है.

पीएम करें हस्तक्षेप
ममता ने कहा, “दिल्ली सरकार के साथ जैसा व्यवहार हो रहा है, इसका देश में गलत संदेश जा रहा है. मैं प्रधानमंत्री से मिलकर कहूंगी कि इस संकट का जल्द हल निकालें. दिल्ली सरकार का चार महीने से कामकाज ठप्प है, इससे दिल्ली के लोग प्रभावित हो रहे हैं, इसलिए प्रधानमंत्री इसमें हस्तक्षेप करें.”

दुख की बात सीएम को धरना देना पड़े
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि दिल्ली समूचे देश की राजधानी है, यहां के मुख्यमंत्री को धरना देना पड़े यह दुख की बात है. यहां केंद्र सरकार भी है, जो सब देख रही है. संकट का जल्द हल निकाला जाना चाहिए.

मांगे मानकर धरना जल्द खत्म कराएं
केरल के मुख्यमंत्री पिनारायी विजयन और कर्नाटक के मुख्यमंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने भी प्रधानमंत्री से केजरीवाल की मांगें मानकर उनका धरना जल्द खत्म कराने की अपील की. (इनपुट- एजेंसी)