ईटानगर: अरुणाचल प्रदेश से भाजपा के लोकसभा सदस्य तापिर गाओ ने बुधवार को दावा किया कि चीनी सेना ने अरुणाचल प्रदेश के सुदूरवर्ती अन्जॉ जिले में घुसपैठ की है और वहां एक जलधारा पर पुल का निर्माण किया है. गाओ ने दावा किया कि चीनी सैनिकों ने पिछले महीने भारतीय क्षेत्र में घुसपैठ की थी और चगलागम क्षेत्र में कियोमरु नाले पर पुल बनाया था. कुछ स्थानीय युवकों ने मंगलवार को पुल देखा था. वहीं, इस खबर के बाद सेना ने चीनी घुसपैठ से इनकार से किया.

कुछ समय के लिए मांस की दुकानें बंद किया जाना असंवैधानिक नहीं: हाईकोर्ट

तापिर गाओ ने कहा कि मैकमोहन लाइन चगलगाम से लगभग 100 किमी की दूरी पर है, अब अगर चीन चगलगाम से 25 किमी की दूरी पर एक पुल बनाता है, तो इसका मतलब है कि चीन हमारे क्षेत्र में पहले से ही 60-70 किमी है. मैं सेना या उन लोगों को दोष नहीं देता जो क्षेत्र में गश्त कर रहे हैं; सड़कें नहीं हैं, वे संभवतः इस क्षेत्र तक कैसे पहुंच सकते हैं. मुझे सरकार पर भरोसा है. मैं चाहता हूं कि सरकार इस पर गौर करे, मैं भी इस पर गौर करूंगा. सड़कें बनाने की जरूरत है.

सारदा घोटाला: तृणमूल कांग्रेस की सांसद ने ईडी को लाखों रुपए लौटाए

वहीं, भारतीय सेना के प्रवक्‍ता ने अरुणाचल प्रदेश में चीनी सैनिकों की घुसपैठ की खबरों को लेकर कहा है कि वहां कोई घुसपैठ नहीं हुई है, जिस इलाके का संदर्भ मीडिया की रिपोर्ट में कुछ इलेक्‍ट्रानिक चैनल्‍स पर आया है. इंडियन आर्मी के प्रवक्‍ता ने कहा कि एक इलाका जहां, अलग-अलग दावे हैं, सैनिक दूसरी तरफ पेट्रोलिंग करते हैं. इसके अलावा भी गर्मियों में नागरिक, शिकारी, दवा तलाशने वाले अक्‍सर यहां घूमते हैं. यहां चीनी सैनिकों या सिविलियन की कोई स्‍थाई मौजूदगी इस इलाके में नहीं है.

बीजेपी अध्‍यक्ष अमित शाह का हुआ ऑपरेशन, ये थी समस्‍या

बीजेपी सांसद गाओ ने कहा, यह इलाका चगलागम से करीब 25 किलोमीटर दूर उत्तर पूर्व में है और भारतीय क्षेत्र में ही आता है. गाओ ने दावा किया कि भारतीय सेना के एक गश्ती दल ने पिछले साल अक्टूबर में चीनी सैनिकों को देखा था.

VIDEO: देख लो पाकिस्‍तान… तुम्‍हारे भेजे आतंकी कश्‍मीर में तुम्‍हें कैसे कर रहे बेनकाब

सांसद ने मीडियाकर्मियों से कहा, ”राज्य के प्रतिनिधि के तौर पर मैंने केंद्र सरकार से अरुणाचल प्रदेश में चीन-भारत सीमा पर उसी तरह बुनियादी संरचना के निर्माण के लिए अनुरोध किया है जिस तरह अन्जॉ के जिला मुख्यालय हायुलियांग से चगलागम तक सड़क बनाई गई है.”

गाओ ने कहा कि इस तरह की घटनाओं को रोकना जरूरी है. उन्होंने कहा कि हायुलियांग और चगलागम के बीच सड़क की हालत बहुत खराब है और इससे आगे एक तरह से कोई सड़क नहीं है.

VIDEO: ऐसे नेतृत्‍व की जरूरत जो बिना डरे हुए प्रधानमंत्री से अपनी बात कह सके: मुरली मनोहर जोशी

बता दें कि भारत और चीन करीब 4000 किलोमीटर लंबी सीमा साझा करते हैं, जिसका स्पष्ट निर्धारण नहीं है. इस वजह से क्षेत्र में घुसपैठ के मामले सामने आते हैं. चीन दावा करता है कि अरुणाचल प्रदेश दक्षिण तिब्बत का हिस्सा है. चीन ने 1950 में तिब्बत पर कब्जा कर लिया था.