नई दिल्ली. सबरीमाला मंदिर में महिलाओं की एंट्री पर जारी विवाद के बीच बीजेपी सांसद ने ही पार्टी से अलग स्टैंड ले लिया है. दिल्ली से बीजेपी सांसद और दलित नेता उदित राज ने कहा है कि वह चाहते हैं कि महिलाएं मंदिर में प्रवेश करें. उन्होंने कहा कि अनुसुचित जाति, जनजाति और अंबेडकरवादी लोग सुप्रीम कोर्ट के फैसले के साथ खड़े हैं.

उदित राज ने कहा, सबरीमाला मंदिर में महिलाओं की एंट्री पर क्यों रोक लगनी चाहिए? भगवान के सामने दोनों ही जेंडर समान हैं. भगवान सिर्फ एक जगह में नहीं रहते हैं. वह हर जगह विद्यमान हैं. ऐसे में औरतें भी हर जगह हैं. ऐसे में यह भगवान के लिए असंभव है कि वह औरतों से दूर रह पाएं.

व्यक्तिगत राय
हालांकि, इस दौरान उदित राज ने स्पष्ट किया कि यह उनका व्यक्तिगत निर्णय है. उन्होंने कहा कि पुरुष भी महिलाओं की ही कोख से जन्म लेता है. तो ऐसे में यदि महिला अशुद्ध रहती है तो हम कैसे कह सकते हैं कि पुरुष शुद्ध है?

टूटनी चाहिए गलत परंपरा
इस दौरान जब उदित राज से ये सवाल किया गया कि प्रधानमंत्री सहित बीजेपी के कई नेता सुप्रीम कोर्ट के फैसले के साथ नहीं खड़े हैं, ऐसे में आपका यह बयान पार्टी लाइन से इतर है. इस पर उन्होंने कहा, परंपार यदि गलत है तो टूटनी चाहिए. क्या हमने बाल विवाह या सती प्रथा का विरोध नहीं किया? व्यर्थ के परंपराओं को तोड़ना चाहिए.