नई दिल्ली। कर्नाटक चुनाव तारीख को लेकर बीजेपी आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय के ट्टवीट पर पार्टी की भारी फजीहत हो रही है. मालवीय के ट्वीट पर मचे हंगामे के बाद बीजेपी बैकफुट पर है और अब सफाई देने में जुट गई है. इसे लेकर बीजेपी नेता और केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी चुनाव आयोग भी पहुंचे. मालवीय के ट्वीट पर भारी हंगामा मचा हुआ है और कांग्रेस सहित तमाम दलों ने सख्त कार्रवाई की बात कही है. 

EC की घोषणा से पहले ही बीजेपी IT सेल प्रमुख ने बता दी कर्नाटक चुनावों की तारीख

EC की घोषणा से पहले ही बीजेपी IT सेल प्रमुख ने बता दी कर्नाटक चुनावों की तारीख

Also Read - शिवपाल सिंह का बड़ा ऐलान, बोले- भाजपा से नहीं, सपा के साथ करेंगे गठबंधन

Also Read - सुशील मोदी का केंद्र में जाना, शाहनवाज हुसैन का बिहार आना, बीजेपी के इस कदम के क्या हैं सियासी मायने!

चुनाव आयोग के अधिकारियों से मुलाकात के बाद मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि अमित मालवीय का ट्वीट एक टीवी चैनल के सोर्स पर आधारित था. उनकी मंशा चुनाव आयोग की महत्ता को कम आंकने की नहीं थी. कर्नाटक कांग्रेस के एक नेता ने भी ठीक इसी तरह का ट्वीट किया था. हम मानते हैं कि उन्हें इस तरह का ट्वीट नहीं करना चाहिए था. Also Read - पूर्वी मिदनापुर में सुवेंदु अधिकारी की रैली से पहले TMC-भाजपा कार्यकर्ताओं में हिंसक झड़प, कई घायल

बता दें कि अमित मालवीय ने सोमवार रात 10.38 पर ट्वीट कर कर्नाटक चुनाव की तारीख बता दी थी. जबकि इसे लेकर आज यानि 27 मार्च को चुनाव आयोग की प्रेस कांफ्रेंस होनी थी. मालवीय ने ट्वीट किया- 12 मई को कर्नाटक में डाले जाएंगे वोट. 18 मई को होगी वोटों की गिनती. हालांकि, भारी विवाद के बाद उन्होंने अपना ट्वीट डिलीट कर दिया. बीजेपी तभी से मालवीय के बचाव में हैं. बीजेपी नेता लगातार कह रहे हैं कि मालवीय का ट्वीट टीवी चैनल की रिपोर्ट पर आधारित था.

बता दें कि चुनाव आयोग ने घोषणा की है कि कर्नाटक में एक ही चरण में चुनाव होगा. 12 मई को कर्नाटक में वोट डाले जाएंगे और 15 मई को वहां काउंटिंग होगी. हालांकि मालवीय ने अपने ट्वीट में कहा था कि काउंटिंग 18 मई को होगी. अमित मालवीय के ट्वीट के मुद्दे पर मुख्य चुनाव आयुक्त ओपी रावत ने कहा कि यह एक गंभीर मामला है. इसमें जांच की जाएगी और दोषी पाए जाने पर कठोरतम कार्रवाई होगी.

इसे लेकर विपक्ष के नेता बीजेपी और चुनाव आयोग पर सीधा सवाल उठा रहे हैं. ईवीएम के मुद्दे पर विपक्ष पहले ही चुनाव आयोग और सरकार पर हमलावर है. ऐसे में अमित मालवीय के ट्वीट ने उसे एक और हथियार थमा दिया है.