पणजी: गोवा में कांग्रेस के 10 विधायकों के भाजपा में शामिल किए जाने के कदम की सत्तारूढ़ पार्टी के अंदर ही कुछ लोग निंदा कर रहे हैं, जिनमें दिवंगत मुख्यमंत्री मनोहर लाल पर्रिकर के पुत्र उत्पल भी शामिल हैं. इस घटनाक्रम पर निराशा जाहिर करते हुए उत्पल ने कहा कि जो कुछ भी हुआ है, वह निश्चित रूप से उनके पिता जो रास्ता अपनाते उससे बिल्कुल अलग है. उत्पल ने कहा कि उनके पिता के निधन के बाद गोवा भाजपा अब ”नई दिशा” में मुड़ चुकी है.

उत्पल ने गुरुवार को कहा, इस साल 17 मार्च को मेरे पिता का निधन हुआ और मैं जानता था कि उनके जाने के बाद उस रास्ते का भी अंत हो गया. हालांकि गोवावासियों को कल इस बारे में पता चल गया.

गोवा के 10 कांग्रेस विधायकों ने जेपी नड्डा की मौजूदगी में ली बीजेपी की सदस्‍यता

कांग्रेस के 10 विधायकों के भाजपा में शामिल होने पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा, 17 मार्च को ही भाजपा में प्रतिबद्धता और विश्वास जैसे शब्दों के मायने खत्म हो गए. उन्होंने कहा कि भाजपा अब ”नई दिशा” में जा रही है और सिर्फ समय ही बताएगा कि वह सही पथ पर है या नहीं. उत्पल ने कहा कि वह भाजपा में ही बने रहेंगे और पार्टी कार्यकर्ताओं का समर्थन करेंगे.

पर्रिकर के निधन के बाद उत्पल विधानसभा उपचुनाव में अपनी पिता की सीट से भाजपा की टिकट के दावेदार थे, हालांकि भाजपा ने उनके पिता की सीट से उन्हें नहीं उतारा.

कर्नाटक के बाद अब गोवा में कांग्रेस पर संकट, भाजपा में शामिल हो गए 10 विधायक

बुधवार को गोवा में विधानसभा में विपक्ष के नेता चंद्रकांत कावलेकर के नेतृत्व में कांग्रेस के 15 में से 10 विधायक पार्टी से अलग होकर भाजपा में शामिल हो गए, जिससे 40 सदस्यीय विधानसभा में अब सत्तारूढ़ पार्टी की संख्या बढ़कर 27 हो गई है.

गोवा भाजपा के पूर्व प्रमुख राजेंद्र आर्लेकर ने भी कहा कि राज्य में मौजूदा राजनीति घटनाक्रम से वह भी व्यथित हैं. पणजी उपचुनाव में भाजपा उम्मीदवार सिद्धार्थ कुनकोलिंकर को हराने वाले अतानासियो मोंसेराटे के भाजपा में शामिल होने पर भी कुछ पार्टी नेताओं ने नाराजगी जताई, जिन पर 2016 में एक नाबालिग से बलात्कार का आरोप है.