नई दिल्ली। जम्मू कश्मीर में भारतीय जनता पार्टी और पीडीपी गठबंधन टूट गया है. बीजेपी ने आज गठबंधन सरकार से समर्थन वापस ले लिया है. बीजेपी नेता राम माधव और दूसरे नेताओं ने प्रेस कांफ्रेंस में इसका ऐलान किया. राम माधव ने  कहा कि जिन उद्देश्यों को लेकर गठबंधन सरकार बनाई गई थी, वो पूरे नहीं हुए. हमने शांति के लिए गठबंधन किया था. घाटी में हालात बेहद खराब हैं. आज कश्मीर में कट्टरता बहुत बढ़ गई है. पत्रकार शुजात बुखारी की दिन दहाड़े श्रीनगर में हत्या कर दी गई. फ्रीडम ऑफ स्पीच भी निशाने पर है. यहां प्रेस की आजादी भी खतरे में है. केंद्र सरकार ने जम्मू कश्मीर को पूरी आर्थिक मदद दी. रमजान में ऑपरेशन रोकना हमारी मजबूरी नहीं थी. हमने शांति की उम्मीद में ऑपरेशन रोका था .

राम माधव ने कहा, जम्मू-कश्मीर में गठबंधन सरकार आगे चलना संभव नहीं. पीएम मोदी और अमित शाह से सलाह के बाद पीडीपी से समर्थन वापस लेने का फैसला लिया गया. बीजेपी ने अपनी तरफ से अच्छी तरह से सरकार चलाने की कोशिश की. कश्मीर में जो काम हम करना चाह रहे थे, वो नहीं कर पा रहे थे. रमजान में ऑपरेशन रोकने के बावजूद अपेक्षित नतीजे नहीं निकल पाए. इसका फायदा उठाने की कोशिश की गई. देशहित और राज्य के हित में समर्थन वापसी का फैसला लिया गया है. ऑपरेशन रोकने का फैसला मजबूरी नहीं, हमारा दिल बड़ा था.

राम माधव ने कहा कि राज्य सरकार स्थिति को संभालने में कामयाब नहीं रही. सीएम दायित्व निभाने में नाकाम रहीं. गठबंधन का नेतृत्व पीडीपी के पास था. जम्मू लद्दाख में जितना काम होना था उसमें में हमारे मंत्रियों को अड़चनों का सामना करना पड़ा. जम्मू लद्दाख की जनता भेदभाव महसूस करने लगी थी. व्यापक देशहित में हमने ये फैसला लिया है. हम वहां राज्यपाल शासन की मांग करते हैं. राज्यपाल शासन में कश्मीर के हालात सुधरने की उम्मीद है. प्रेस कांफ्रेंस में डिप्टी सीएम रहे कवींद्र गुप्ता ने कहा कि सभी मंत्रियों ने अपना इस्तीफा सौंप दिया है. समर्थन वापसी की चिट्ठी राज्यपाल को भेज दी गई है.

महबूबा ने दिया इस्तीफा

वहीं, बीजेपी के समर्थन वापसी के बाद महबूबा मुफ्ती ने सीएम पद से इस्तीफा दे दिया. उन्होंने शाम 4 बजे बैठक बुलाई है और 5 बजे प्रेस कांफ्रेंस करेंगी. 

आज इस्तीफा दे सकती हैं महबूबा

बताया जा रहा है कि शाम तक महबूबा मुफ्ती सीएम पद से इस्तीफा दे सकती हैं. कश्मीर में सीजफायर खत्म करने के केंद्र सरकार के फैसले के बाद बने सियासी हालात ने बीजेपी को ऐसा कदम लेने पर मजबूर कर दिया. घाटी के लगातार बिगड़ते हालात और मौजूदा सियासी हालात ने पीडीपी-बीजेपी के बीच मतभेद को और गहरा दिया.

अमित शाह ने बुलाई थी बैठक

आज अमित शाह ने जम्मू कश्मीर सरकार में बीजेपी के मंत्रियों और वरिष्ठ नेताओं को बैठक के लिए बुलाया था. केंद्र सरकार की ओर से सीजफायर खत्म करने के बाद सहयोगी पीडीपी की नाराजगी के बीच ये बैठक बुलाई गई था. प्रदेश भाजपा प्रमुख रविंदर रैना और पार्टी महासचिव (संगठन) अशोक कौल को भी बैठक के लिए बुलाया गया था.

घाटी में पिछले कुछ दिनों में हालात बेहद खराब रहे हैं. रमजान के दिनों में सरकार की ओर से घोषित एकतरफा सीजफायर के दौरान आतंकियों ने जमकर कोहराम मचाया. ईद से ठीक दो दिन पहले 14 मई को आतंकियों ने दो बड़ी वारदातों को अंजाम दिया. इस दिन आतंकियों ने राइजिंग कश्मीर के संपादक शुजात बुखारी की गोली मारकर हत्या कर दी फिर सेना के जवान औरंगजेब खान की उस वक्त अगवा कर हत्या कर दी जब वह ईद की छुट्टी पर अपने घर जा रहा था.