नई दिल्ली: भाजपा 2014 के लोकसभा चुनाव में उत्तरप्रदेश में मिली बड़ी कामयाबी को अगले वर्ष होने वाले आम चुनाव में दोहराने के लिये राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों पर खासा जोर देते हुए अगले महीने 400 से अधिक विधानसभा क्षेत्रों में ‘गांव-गांव, पांव-पांव’ पदयात्रा शुरू कर रही है जिसमें घर घर जाकर लोगों से सीधा सम्पर्क किया जाएगा. 2019 के लोकसभा चुनाव में भी ग्रामीण क्षेत्रों पर ख़ास जोर दे रही भाजपा ने इस अभियान के लिये ‘पहले हम गांव-गांव चले-अब पांव-पांव चलेंगे’ का नारा दिया है.

भाजपा ने उत्तर प्रदेश के अलावा झारखंड, बिहार जैसे राज्यों में भी इस कार्यक्रम को आगे बढ़ाने की योजना बनाई है. उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री एवं भाजपा नेता श्रीकांत शर्मा ने कहा, ‘‘उत्तर प्रदेश में गांव-गांव, पांव-पांव पदयात्रा 1 से 15 दिसंबर तक आयोजित होगी. यह महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के अवसर पर आयोजित की जा रही है जिसमें पार्टी कार्यकर्ता घर-घर जाकर केंद्र की मोदी सरकार और राज्य की योगी सरकार की जन कल्याण योजनाओं के लाभार्थियों से संवाद करेंगे.’’

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लोकसभा चुनावी तैयारी के अगले चरण में भाजपा कमल विकास ज्योति अभियान चलाएगी. पार्टी जनता तक अपना संदेश पहुंचाने के लिये कमल संदेश बाइक रैली का भी आयोजन कर रही है. इस पदयात्रा का मकसद पार्टी कार्यकर्ताओं को एकजुट करना और ग्रामीण क्षेत्रों में खास तौर पर पार्टी के कार्यक्रमों को पहुंचाना है.

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पार्टी के एक पदाधिकारी ने बताया कि प्रत्येक विधानसभा में 150 कार्यकर्ता चिन्हित किए गए हैं. उनकी 6-6 टोलियां बनेंगी. प्रत्येक टोली में 25 कार्यकर्ता होंगे और ये कार्यकर्ता प्रत्येक गांव के प्रत्येक बूथ पर जाएंगे. पार्टी कार्यकर्ता मोदी और योगी की केंद्र और प्रदेश की सरकारों की विभिन्न लाभकारी योजनाओं के लाभार्थियों से संपर्क कर भाजपा की नीति-रीति एवं सिद्धांतों का प्रचार प्रसार करेंगे. इस अभियान में सरकार के मंत्री, विधायक एवं कार्यकर्ता हिस्सा लेंगे.

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पदयात्रा के दौरान केंद्र और प्रदेश सरकार की जनहित की विभिन्न योजनाओं के बारे में जनता से चर्चा करेंगे. नरेन्द्र मोदी को फिर से प्रधानमंत्री बनाने के लिए भाजपा को पहले से भी ज्यादा बड़ी जीत दिलाने की अपील करेंगे. पार्टी ने इसके साथ ही दलित समुदाय एवं उनसे जुड़ी उपजातियों पर खासा ध्यान देते हुए एक विशेष सम्मेलन की योजना बनाई है.