नई दिल्ली. अयोध्या में राम मंदिर के मुद्दे पर एक तरफ रविवार को अयोध्या पहुंचकर हिंदू संगठनों और संतों ने केंद्र सरकार पर अध्यादेश लाने का दबाव बनाया है तो दूसरी तरफ बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने कहा है कि सरकार जनवरी तक राह देखेगी. अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार अगले साल जनवरी में सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई का इंतजार करेगी. हालांकि, आदेश नहीं तो अध्यादेश वाले सवाल पर भी शाह ने इंतजार करने की ही बात की.

अमित शाह ने कहा, राम पर हमारी आस्था है. यह मुद्दा रणनीतिक नहीं है. अयोध्या में राम मंदिर केस पिछले 9 साल से चल रहा है. हमारी पार्टी ने कभी ने कहा कि इस मामले में चल रहे केस को टालो. हम सभी चाहते हैं कि ये केस जल्द से जल्द सेटल हो जाए. लेकिन कांग्रेस ने हमेशा से केश को टालने का काम किया है. हम लोगों का बस चलता तो केस सेटल हो जाता और मंदिर बन गया होता.

तीनों राज्य में बीजेपी जीतेगी: शाह
दूसरी तरफ अमित शाह ने राजस्थान, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में पार्टी की जीत का दावा किया है. उन्होंने कहा कि तीनों जगह बीजेपी सरकार में वापसी करेगी. उन्होंने कहा कि तीनों राज्यों में विकास हुआ है और राज्य की जनता में किसी तरह का असंतोष नहीं है. उन्होंने कहा कि 11 दिसंबर को आने वाले चुनाव परिणाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की छवि को बूस्ट करने का काम करेंगे. इसका असर साल 2019 में होने वाले चुनाव पर पड़ेगा. उन्होंने कहा है कि हम मध्य प्रदेश में अच्छे बहुमत से जीतेंगे. छत्तीसगढ़ में 50-55 सीटे जीतेंगे.

राफेल पर ये कहा
राफेल विमान के मुद्दे पर कांग्रेस अध्यक्ष अमित शाह पर निशाना साधते हुए शाह ने कहा कि उनके पास सूचनाएं कहां से आती हैं? राफेल सौदा में फूटी कौड़ी का घोटाला नहीं हुआ है. कांग्रेस बड़ी चालाकी से मामले को उछाल रही है. उन्होंने कहा कि 36 विमान फ्रांस से बनकर आने थे, जिसकी भारत को तत्काल जरूत है. कांग्रेस इस मुद्दे पर जबरदस्ती राजनीति कर रही है.