इलाहाबाद में राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव का बिगुल फूँकने के बाद भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने सांसदों की चाबी भरी है। अमित शाह ने प्रदेश के सांसदों को सख्त निर्देश दिए कि आने वाले 7-8 महीने में अपने क्षेत्रों में डँटे रहें। इसमें कोताही न होने पाए इसके लिए सभी सांसद अपनी दिनभर की गतिविधियों की सूचना राज्य इकाई को दें। इसके अलावा महीने भर गतिविधियों और कार्यक्रमों की सूचना केंद्रीय नेतृत्व को भेजने का फरमान सुना दिया। यूपी विधानसभी चुनावों तक आलस्य बर्दास्त नहीं किया जाएगा। अमित शाह राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के बाद प्रदेश भर के सांसदों से बात कर रहे थे। यह भी पढ़ेंः वर्ष 2017 चुनौतियों भरा, उप्र में बनेगी भाजपा की सरकार Also Read - अमित शाह ने कहा- आखिर हम कैसे करें इमरान खान पर भरोसा

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भाजपा की ओर से मुख्यमंत्री पद के नाम के संबंध में अमित शाह ने सांसदों से कहा कि कोई भी ऊल-जलूल बयान देने से बचें। साथ ही साथ विवादास्पद बयानों से बचने की भी हिदायत दी गई है। अमित शाह नहीं चाहते कि पार्टी किसी बेवजह के मुद्दे में उलझ जाए इसलिए उन्होंने कहा कि बयानों में खूब सतर्कता बरतें। अमित शाह ने सीधे लहजे में यह भी कहा संसदीय क्षेत्रों के अंतर्गत आने वाली विधानसभा चुनाव की हार-जीत की पहली जिम्मेदारी संबंधित सांसद पर होगी। यह भी पढ़ेंः अमित शाह ने उड़ाई उत्तर प्रदेश बीजेपी के दिग्गज नेताओं की नींद Also Read - जल्द से जल्द श्रीराम मंदिर बनाने को कटिबद्ध : अमित शाह

गौरतलब है कि भाजपा को प्रदेश की 80 लोगसभा सीटों में से 71 सीटें मिली थी। संगठन नहीं चाहता कि सांसदों की निष्क्रियता से पार्टी को किसी प्रकार का सियासी घाटा हो। इसीलिए भाजपा संगठन सांसदों की सियासी सक्रियता सुनिश्चित करने के लिए यह कदम उठा रहा है। बैठक में अमित शाह ने सांसदों के गोद लिए गाँवों के बारे में भी जानकारी ली। उन्होंने कहा कि लोगों के बीच रहें और उनसे सरकार की उपलब्धियों के बारे में चर्चा करें। कहना होगा कि भाजपा यूपी विधानसभा चुनावों की तैयारी में पूरे जोर शोर से लग गई है।