नई दिल्‍ली: भारतीय जनता पार्टी के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष अमित शाह ने कहा है कि राफेल डील में एक भी पैसा ज्‍यादा नहीं दिया गया है. कांग्रेस द्वारा इस बारे में बार-बार सवाल पूछे जाने पर उन्‍होंने कहा कि कांग्रेस के पास यदि कोई सबूत है तो वह सुप्रीम कोर्ट क्‍यों नहीं जाती. Zee News के एडिटर सुधीर चौधरी से एक्‍सक्‍लूसिव बातचीत में शाह ने विश्‍वास जताया कि उनकी पार्टी राजस्‍थान में हो रहे विधानसभा चुनावों के बाद राज्‍य में फिर से सरकार बनाएगी.

पांच राज्‍यों में हो रहे विधानसभा चुनावों में भाजपा की हालत राजस्‍थान में सबसे कमजोर बताई जा रही है. लेकिन अमित शाह ने दावा किया कि राजस्‍थान में केंद्र और राज्‍य सरकार ने मिलकर बहुत अच्‍छा काम किया है.

महागठबंधन के सवाल पर शाह ने कहा कि अभी इसको लेकर सारी बातें अटकलों के रूप में हैं. इसमें वही दल शामिल हैं जो पिछले चुनावों में हमसे हार चुके हैं. इनमें अधिकांश ऐसे दल हैं जो अपने संबंधित राज्‍यों में मजबूत हैं. राज्‍य के बाहर उनका कोई जनाधार नहीं है. उन्‍होंने दावा किया कि महागठबंधन को हम फिर से हराएंगे.

जम्‍मू एवं कश्‍मीर में राष्‍ट्रपाल द्वारा विधानसभा भंग किए जाने के बारे में पूछे जाने पर उन्‍होंने सत्‍यपाल मलिक का बचाव किया. शाह ने कहा कि भाजपा राज्‍य में राजनीतिक तोड़फोड़ के खिलाफ थी. राज्‍यपाल ने जो किया, वह बिलकुल सही है.

अयोध्‍या में राम मंदिर निर्माण की चर्चा पर उन्‍होंने कहा कि भाजपा का लक्ष्‍य मंदिर के लिए केवल एक ईंट रखना नहीं है, हमें पूरा मंदिर बनाना है. मंदिर निर्माण के लिए अध्‍यादेश की बढ़ती चर्चाचों के बारे में पूछे जाने पर शाह ने कहा कि मामला अभी अदालत में है, इसलिए किसी प्रकार की जल्‍दबाजी ठीक नहीं है.

हालिया सीबीआई विवाद के बारे में शाह ने बताया कि दो अफसरों ने एक-दूसरे के खिलाफ आरोप लगाए थे, इसलिए जांच होने तक उन्‍हें छुट्टी पर भेजा जाना जरूरी था. राहुल गांधी द्वारा इस मुद्दे को राफेल डील से जोड़े जाने पर उन्‍होंने कहा कि आलोक वर्मा के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने से पहले ही राफेल मामले में या‍ि दायर हो चुकी थी. उन्‍होंने राहुल के आरोपों को खारिज कर दिया.