नई दिल्ली: बीजेपी के कार्यकारी अध्यक्ष जे.पी. नड्डा ने सोमवार को भोपाल से सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर की उनकी उस टिप्पणी के लिए खिंचाई की जिसमें उन्होंने कहा था कि वह शौचालय साफ करने के लिए सांसद नहीं बनी हैं. इस बयान को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘स्वच्छ भारत’ अभियान के उपहास के तौर पर देखा गया. पार्टी सूत्रों ने कहा कि प्रज्ञा सिंह ठाकुर को बीजेपी मुख्यालय तलब किया गया था, जहां नड्डा ने उन्हें बताया कि पार्टी नेतृत्व मध्य प्रदेश के सीहोर में रविवार को उनके द्वारा दिए गए बयान से खुश नहीं है. ठाकुर की खिंचाई करते हुए उनसे पार्टी के कार्यक्रमों और विचारों के खिलाफ बयान देने से बचने को कहा गया है.

विवादित बयान के बाद प्रज्ञा ठाकुर कार्यकारी अध्‍यक्ष नड्डा से मिलने पहुंची बीजेपी मुख्‍यालय

पार्टी कार्यालय से निकलते वक्त भाजपा सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने वहां मौजूद मीडियाकर्मियों से बात नहीं की. मध्य प्रदेश में भाजपा कार्यकर्ताओं की एक बैठक को संबोधित करते हुए बीजेपी सांसद ठाकुर ने रविवार को कहा था कि एक सांसद का काम विधायकों, पार्षदों और जन प्रतिनिधियों के साथ मिलकर काम करते हुए विकास सुनिश्चित करना होता है.

VIDEO: प्रज्ञा ठाकुर का विवादित बयान, कहा- हम नाली-शौचालय साफ कराने को नहीं बने सांसद

बीजेपी सांसद प्रज्ञा ने कहा था, ” इसलिए इसे ध्यान में रखिए…हम यहां नालियों की सफाई के लिए नहीं हैं. यह साफ है? हम निश्चित रूप से (यहां) आपके शौचालय साफ करने के लिए नहीं हैं. हमें जो काम करना है और जिसके लिए हमें निर्वाचित किया गया है, हम उसे ईमानदारी से करेंगे. यह हमनें पूर्व में भी कहा है, आज भी कह रहे हैं और भविष्य में भी इस पर टिके रहेंगे.”

बता दें कि 2008 मालेगांव बम धमाका मामले की आरोपी ठाकुर ने अपना पहला लोकसभा चुनाव भोपाल लोकसभा सीट से कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह को हराकर जीता था.

यह टिप्पणी भाजपा के लिए शर्मिंदा करने वाली थी, क्योंकि मोदी ने स्वच्छ भारत कार्यक्रम को अपनी सरकार के एजेंडे का मुख्य बिंदू बनाया था. यह पहली बार नहीं है, जब ठाकुर के बयानों से बीजेपी के लिए मुश्किलें खड़ी हुई हैं. लोकसभा चुनावों के बीच प्रचार के दौरान उन्होंने महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे को एक देशभक्त करार दिया था. टिप्पणी पर हंगामा मचने के बाद उन्हें माफी मांगनी पड़ी थी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कहना पड़ा था कि वह माफी मांगने के बावजूद ठाकुर को कभी माफ नहीं कर पाएंगे. उन्हें कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया था. ठाकुर फिलहाल मालेगांव बम धमाका मामले में जमानत पर हैं.