तिरूवनंतपुरम: भाजपा महासचिव के सुरेंद्रन ने शनिवार को आरोप लगाया कि सबरीमाला में छह नवंबर को हुई हिंसा के पीछे माकपा की युवा इकाई (डीवाईएफआई) के कार्यकर्ता थे. सुरेंद्रन को सबरीमाला में प्रदर्शनों में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था और 22 दिनों के बाद उन्हें जेल से रिहा किया गया है.Also Read - Manipur Polls 2022: मणिपुर में विधानसभा चुनाव से पहले TMC का एकमात्र विधायक BJP में शामिल

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सुरेंद्रन ने आरोप लगाया कि त्रिसूर से डीवाईएफआई की एक टीम मंदिर में विशेष पूजा के दौरान हुई हिंसा के पीछे थी. उन्होंने दावा किया कि वे लोग अपनी मनमानी नहीं कर सके क्योंकि हम लोग वहां थे. सच्चाई की जीत होगी. भाजपा नेता ने इस क्रम में केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन पर भी निशाना साधा. केरल हाई कोर्ट ने भाजपा नेता को शुक्रवार को एक मामले में सशर्त जमानत दे दी थी. Also Read - Zee Opinion Poll 2022: पंजाब में त्रिशंकु विधानसभा के आसार! AAP हो सकती है सबसे बड़ी पार्टी, SAD को बड़ा फायदा

सबरीमाला विवाद: 17 नवंबर को मंदिर में प्रवेश करेंगी सामाजिक कार्यकर्ता तृप्ति देसाई, सरकार से मांगी सुरक्षा

सबरीमाला मंदिर में 10-50 साल की उम्र की महिलाओं के प्रवेश पर सदियों पुरानी पाबंदी को हटाने संबंधी सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लागू करने के माकपा की अगुवाई वाली केरल सरकार के फैसले के खिलाफ विपक्षी कांग्रेस, भाजपा, आरएसएस और दक्षिणपंथी संगठन लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं. मंदिर को अक्टूबर में चार दिनों और नवंबर में दो दिनों के लिए पूजा के वास्ते खोला गया था, जब प्रदर्शन किया गया था. 6 नवंबर को हुई हिंसा में कई लोग घायल हो गए थे.