जयपुर. बीजेपी ने राजस्थान चुनाव के लिए अपना घोषणापत्र जारी कर दिया है. इसमें पार्टी ने वादा किया है कि अगर राजस्थान में फिर सत्ता में आई तो अनैतिक/ बुरे और गलत कार्यों के लिए ‘गोरखधंधा’ शब्द के इस्तेमाल पर रोक लगाई जाएगी. इतना ही नहीं इस शब्द के इस्तेमाल को दंडनीय अपराध भी बनाया जाएगा.

बीजेपी राजस्थान के घोषणापत्र को जारी करते समय केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली और प्रकाश जावड़ेकर के साथ-साथ सीएम वसुंधरा राजे सिंधिया भी थीं. इसमें पार्टी की भावी योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा गया, अनैतिक बुरे कार्येां, गलत कार्यों हेतु ‘गोरखधंधा’ शब्द को प्रतिबंधिध कर दंडित किए जाने का कानून बनाया जाएगा.

ये है कारण
घोषणापत्र समिति के सदस्य ओंकार सिंह लखावत ने ने इसके पीछे का औचित्य समझाते हुए कहा, गुरु गोरखनाथ एक संत थे और इस शब्द का इस्तेमाल उनके अनुयायियों की भावनाओं को आहत करता है. इसलिए इस पर प्रतिबंध लगाया जाएगा.

ये है आदित्यनाथ से कनेक्शन
इसी तरह गुरु गोरखनाथ के बारे में एक पाठ राज्य पाठ्य पुस्तक मंडल की किताबों में शामिल होगा और राज्य में गुरु गोरखनाथ का राष्ट्रीय स्मारक बनाने की बात भी इसमें की गयी है. गोरखनाथ एक हिंदू योगी और संत थे जिन्होंने देश में नाथ हिंदू मठ की स्थापना की थी. गुरु गोरखनाथ का यूपी के गोरखपुर में एक मंदिर और मठ है. यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ वहां के महंत हैं.

नाथ संप्रदाय की अच्छी संख्या
बता दें कि राज्य में नाथ संप्रदाय अच्छी खासी संख्या में है और उसके अनेक मठ, आसन राज्य में हैं. इसे ध्यान में रखते हुए बीजेपी ने अपने घोषणा पत्र में कहा है कि वह अगले पांच साल में नाथ समाज के मठों/ आसनों का पुनरोद्धार/जीर्णोद्धार करेगी. गुरु गोरखनाथ के पुराने योग और तंत्र के अधिष्ठाता के साहित्यिक ग्रथों के लिए लाईब्रेरी स्थापित की जाएगी.