जयपुर. विधायक मानवेंद्र सिंह के कांग्रेस में शामिल होने पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की राजस्थान इकाई ने बुधवार को कहा कि कोई भी नेता पार्टी से बड़ा नहीं होता. भाजपा विधायक मानवेंद्र सिंह बुधवार को नयी दिल्ली में औपचारिक रूप से कांग्रेस में शामिल हो गए. Also Read - पूर्व केंद्रीय मंत्री जसवंत सिंह के बेटे मानवेंद्र ने छोड़ी बीजेपी, क्या कांग्रेस में जाएंगेे?

भाजपा के वरिष्ठ नेता राव राजेंद्र सिंह ने यहां कहा, हमारा यह मानना है किसी एक व्यक्ति का राजनीतिक दल में महत्व उतना नहीं होता जितना कि उस दल को खड़ा करने में कार्यकर्ताओं का पुरुषार्थ व परिश्रम होता है. मानवेंद्र के कांग्रेस में जाने से आगामी विधानसभा चुनाव में पार्टी की संभावनाओं पर प्रतिकूल असर संबंधी सवाल पर उन्होंने कहा, कोई भी नेता पार्टी से बड़ा नहीं होता. Also Read - राजस्‍थान: नेशनल यूनियनिस्ट जमींदारा पार्टी की विधायक सोना देवी कांग्रेस में शामिल

राष्ट्रीय स्तर तक पहचान दी
सिंह ने कहा, जिन कार्यकर्ताओं ने उन्हें (मानवेंद्र सिंह) को राष्ट्रीय स्तर तक पहचान दी है, उन्होंने उनका अपमान किया है. विधानसभा में उपसभापति राव ने कहा कि 2014 के आम चुनाव में बाड़मेर सीट पर भाजपा प्रत्याशी के खिलाफ अभियान करने के लिए मानवेंद्र सिंह को पहले ही पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित किया जा चुका था. मानवेंद्र के कांग्रेस में जाने से राजपूत वोटों पर असर संबंधी सवाल पर राव ने कहा कि भाजपा किसी जाति या समुदाय को अपने वोट बैंक के रूप में नहीं देखती. Also Read - BJP councillor from Govindpuri Chandra Prakash joins Congress | एमसीडी चुनावः अब बीजेपी पार्षद ने थामा कांग्रेस का हाथ

2013 में हासिल की थी जीत
बाडमेर के शिव विधानसभा क्षेत्र से भाजपा उम्मीदवार मानवेन्द्र सिंह ने 2013 के विधानसभा चुनाव में 31425 मतों के अंतर से जीत हांसिल की थी. पूर्व केंद्रीय मंत्री जसवंत सिंह के बेटे मानवेंद्र शिव विधानसभा से विधायक हैं और भाजपा विशेषकर मौजूदा मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे से उनकी नाराजगी जग जाहिर है.

2014 में निर्दलीय उतरे थे मैदान में
दरअसल 2014 के आम चुनावों में पार्टी की टिकट नहीं मिलने पर जसवंत सिंह निर्दलीय के रूप में मैदान में उतरे. हालांकि इसमें जीत कांग्रेस से भाजपा में आए कर्नल सोना राम चौधरी के हाथ लगी. तभी से मानवेंद्र, उनका परिवार व समर्थक भाजपा से नाराज चल रहे हैं. इसी सितंबर में मानवेंद्र ने बाड़मेर में एक बड़ी स्वाभिमान रैली की और ‘कमल का फूल, बड़ी भूल’ कहते हुए भाजपा से अलग हो गए.