नई दिल्ली: वरिष्ठ पार्टी नेता गुलाम नबी आजाद के कश्मीर पर दिए बयान का लश्कर-ए-तैयबा द्वारा समर्थन के बाद कांग्रेस पार्टी मुश्किल में आ गई है. सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी ने उस पर आतंकवादियों और पाकिस्तान के समर्थन का आरोप लगाया है. भाजपा ने आजाद के अलावा सैफुद्दीन सोज के बयान को लेकर भी पार्टी को कटघरे में खड़ा कर दिया है. कांग्रेस और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर जोरदार हमला बोलते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शुक्रवार को कहा कि कांग्रेस पार्टी देश तोड़ने की कोशिश में जुटीं ताकतों का समर्थन कर रही है और अब इसने अपनी राजनीति आतंकवादियों और उनके संरक्षकों के साथ सामंजस्य बिठाने के लिए डिजाइन की है. भाजपा ने यह हमला राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद के कथित तौर पर सेना के अभियान में जम्मू एवं कश्मीर में आतंकवादियों से ज्यादा नागरिकों के मारने के बयान के बाद किया है. आजाद के इस बयान से विवाद खड़ा हो गया और केंद्र की सत्तारूढ़ पार्टी ने आजाद के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.

देश तोड़ने वालों के साथ है कांग्रेस
भाजपा ने आजाद के बयान को ‘गैर जिम्मेदाराना, शर्मनाक और बेहद अफसोसजनक बताया और कांग्रेस नेतृत्व से यह स्पष्ट करने को कहा कि वे ‘आजाद के खिलाफ क्या कार्रवाई करने जा रहे हैं.’ भाजपा ने कहा, “यह राहुल गांधी के नेतृत्व और सोनिया गांधी के समर्थन वाली नई कांग्रेस है, जो देश को तोड़ने की कोशिश में जुटीं ताकतों का समर्थन कर रही है.” केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, “भाजपा का पूरी जिम्मेदारी के साथ आरोप है कि सोनिया गांधी के आशीर्वाद व राहुल की अगुवाई वाली आज की कांग्रेस को आतंकवादियों और उनके संरक्षकों के साथ समन्वय व व्यवहार के लिए डिजाइन किया गया है.”

आजाद के बयान से पाकिस्तान समर्थक खुश  
भाजपा ने कहा कि यह चकित करने वाला है कि यह बयान जम्मू एवं कश्मीर का मुख्यमंत्री रह चुके और राज्य में ‘पाकिस्तानी आतंकवाद के क्रूर चेहरे का सामना कर चुके’ व्यक्ति की तरफ से आया है. प्रसाद ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के प्रति वरिष्ठ कांग्रेसी नेताओं की नफरत इस हद तक पहुंच गई है, जहां वे सशस्त्र बलों के साहस और सम्मान से भी समझौता करने लगे हैं.” रविशंकर ने कहा, “आजाद का बयान गैर जिम्मेदाराना, शर्मनाक और बेहद अफसोसजनक है. आज पाकिस्तान का समर्थन करने वाले लोग ज्यादा खुश होंगे.”

लश्कर-ए-तैयबा के समर्थन का उठाया मुद्दा
आजाद के बयान के बाद लश्कर-ए-तैयबा संगठन ने एक बयान जारी कर कहा, “हमारी भी गुलाम नबी आजाद व दूसरों जैसी ही समान राय है.” उन्होंने कहा, “आज कांग्रेस के नेता जो कह रहे हैं, उसका समर्थन एलईटी कर रहा है. यह किस प्रकार की राजनीति है. कांग्रेस देश को तोड़ने की कोशिश करने वालों के साथ खड़ी है.” प्रसाद ने कहा, “उनके (आजाद) कहने के क्या मायने हैं? वह क्या संकेत दे रहे हैं.” उन्होंने कांग्रेस नेता को याद दिलाया कि हम सभी देश के लिए जीते हैं, जबकि सिर्फ, पुलिस, अर्धसैनिक बल व सशस्त्र बल देश के लिए कुर्बानी देते हैं. भाजपा नेता ने कहा कि पार्टी इस मुद्दे को संसद में भी उठाएगी.

यूपीए सरकार से ज्यादा आतंकवादी मरे एनडीए शासनकाल में
जम्मू एवं कश्मीर में 2012 व 2018 के बीच सशस्त्र बलों द्वारा मारे गए आतंकवादियों का आंकड़ा देते हुए प्रसाद ने कहा कि 2012 में 72 आतंकवादी राज्य में मारे गए, जबकि 2013 में 67 आतंकवादी मारे गए. उन्होंने कहा, “साल 2014 में जब हमारी सरकार आई तो 110 आतंकवादी मारे गए, 2015 में 108 से ज्यादा आतंकवादी मारे गए, 2016 में 150 आतंकवादी व 2017 में 217 से ज्यादा आतंकवादी मारे गए और इस साल मई तक राज्य में 75 से ज्यादा आतंकवादी मारे गए हैं.” उन्होंने कहा, “आजादजी यह आपकी सरकार और हमारी सरकार की कहानी है. आप कह रहे हैं कि सशस्त्र बल आतंकवादियों से ज्यादा स्थानीय लोगों को मार रहे हैं.”

सोज के बयान पर भी साधा निशाना
कांग्रेस नेता सैफुद्दीन सोज की टिप्पणियों का जिक्र करते हुए भाजपा नेता ने कहा कि कांग्रेस ने राष्ट्रीय हित को पीछे रख दिया है. सैफुद्दीन सोज ने अपनी टिप्पणी में कहा था कि कश्मीर के लोग आजादी को तरजीह देंगे. उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व भाजपा के खिलाफ नफरत कांग्रेस की राजनीति का आधार बन गया है, जिसमें राष्ट्रीय हित को पीछे छोड़ दिया गया है.” उन्होंने कहा, “लेकिन क्या कांग्रेस से उम्मीद करनी चाहिए.”

उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जेएनयू जाते हैं और आजादी गैंग के साथ खड़े होते हैं और सरकार से सर्जिकल स्ट्राइक के बारे में सवाल करते हैं और सरकार पर खून की दलाली का आरोप लगाते हैं. उन्होंने राहुल गांधी से पूछा कि क्या वह आजाद व सोज के खिलाफ कार्रवाई करने का साहस दिखाएंगे.

(इनपुट: एजेंसी)