भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की भुवनेश्वर में राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक होने वाली है. बीजेपी की यह बैठक 15 और 16 अप्रैल को होने वाली है. जो चुनाव के नजरिये से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है. बीजेपी ने ओडिशा को इसलिए भी चुना है कि यहां पर पिछले 17 साल से नवीन पटनायक की सरकार है. अब जहां चारों तरफ बीजेपी जीत हासिल कर रही है. वहीं अब उनका अगला निशाना ओडिशा है.

ओडिशा में वर्ष 2019 में होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर बीजेपी अपनी राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक यहां करेगी और इस बैठक में पार्टी के वरिष्ठ नेता भुवनेश्वर में कार्यकारिणी की दो दिवसीय बैठक में भाग लेंगे. जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, वित्तमंत्री अरुण जेटली, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज, गृहमंत्री राजनाथ सिंह और भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री भी कार्यकारी की बैठक में शामिल होंगे.

बता दें पंचायत चुनाव में बड़ी जीत के बाद अब बीजेपी का पूरा फोकस ओडिशा विधानसभा चुनाव पर है. इस बैठक में बीजेपी ओडिशा की राजनीति के गतिविधियों को नई गति दे सकती है और इनका प्रमुख लक्ष्य होगा कि वर्ष 2019 में होने वाले विधानसभा चुनाव में नवीन पटनायक की सरकार को कैसे हटाया जाए. ऐसा पहली बार होगा जब लगभग दो दशक बाद ओडिशा में बीजेपी कार्यकारिणी होने वाली है.

कार्यकारिणी की इस अहम बैठके बाद बीजेपी चुनाव प्रचार और अधिक से अधिक लोगों को पार्टी से जोड़ने के साथ चुनावी प्रचार का भी बिगुल बजा सकती है. गौरतलब हो कि यूपी जैसे राज्य में बड़ी जीत के बाद भारतीय जनता पार्टी के हौसले बुलंद है. यही कारण है कि इस बैठक के बाद पीएम मोदी और अमित शाह विधानसभा चुनाव में जीत के लक्ष्य के साथ मैदान में कूद पड़ेंगे.