नई दिल्ली। मोदी सरकार के खिलाफ लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव के दौरान आज जबरदस्त हंगामा और ड्रामा देखने को मिला. कांग्रेस की ओर से अध्यक्ष राहुल गांधी ने हमले की कमान संभाली और कई मुद्दों पर सरकार और पीएम नरेंद्र मोदी को निशाने पर लिया. राहुल ने राफेल डील से लेकर देश के कई हिस्सों में हो रही हिंसा को लेकर सरकार पर हमला बोला. Also Read - राहुल गांधी ने कहा- गरीबों के पैदल पलायन के लिए सरकार जिम्मेदार, नागरिकों की ये हालत करना अपराध

वहीं, बीजेपी ने राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया. कांग्रेस अध्यक्ष ने राफेल सौदा के बारे में रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण पर राष्ट्र से झूठ बोलने का आरोप लगाया था. संसद के बाहर संवाददाताओं से बात करते हुए संसदीय कार्य मंत्री अनंत कुमार ने कहा कि सदन में राहुल का बर्ताव बचकाना था. उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि वह बड़े नहीं हुए हैं. यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि कांग्रेस अध्यक्ष इतने ज्यादा अनजान और अपरिपक्व हैं.
मंत्री ने कहा कि सदन के नियमों के मुताबिक राहुल को किसी सदस्य के खिलाफ कोई आरोप लगाने से पहले एक नोटिस देना चाहिए था. उन्हें लोकसभा अध्यक्ष को अपने आरोपों का समर्थन करने वाली चीजें देनी चाहिए थी. Also Read - भाजपा अध्यक्ष ने कहा- लॉकडाउन में पैदल घर को निकले लोगों की मदद करें पार्टी कार्यकर्ता 

राहुल ने कई मुद्दों पर घेरा

आज लोकसभा में राहुल ने तीखे अंदाज में कई मुद्दों पर सरकार को घेरा. उन्होंने कहा कि इस सरकार में महिला, आदिवासी, अल्पसंख्यक कोई सुरक्षित नहीं है. आए दिन इन लोगों पर हमला हो रहा है. क्या ये लोग भारत के नागरिक नहीं हैं? आपके सांसद कहते हैं कि संविधान को बदला जाए, तो क्या ये बाबा साहेब अंबेडकर का अपमान नहीं है?

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राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि राफेल विमान सौदे के विभिन्न आयामों को लेकर रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने देश से झूठ बोला. जिस विमान का दाम 500 करोड़ रुपये था वो 1600 करोड़ रुपये कैसे हो गया. उन्होंने दावा किया, मैं फ्रांस के राष्ट्रपति से खुद मिला था. उन्होंने मुझे बताया कि राफेल विमान सौदे को लेकर भारत और फ्रांस की सरकार के बीच गोपनीयता का कोई समझौता नहीं हुआ है. राहुल ने सवाल किया कि प्रधानमंत्री को इसका जवाब देना चाहिए कि राफेल सौदे के प्रारूप को अचानक से क्यों बदला गया और हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड से कांट्रैक्ट लेकर उस उद्योगपति को क्यों दिया गया जिस पर 35 हजार करोड़ रुपये का कर्ज है.