नई दिल्लीः बीते 12 मई को पीएम मोदी ने अपने राष्ट्र के नाम संबोधन में 20 लाख करोड़ के विशेष आर्थिक पैकेज की घोषणा की थी. जिसके अगले दिन केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस पैकेज से संबंधित प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए इस पैकेज के वितरण संबंधी जानकारी दी. प्रेस कॉन्फ्रेंस में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अलग-अलग सेक्टर के लिए पैकेज का ब्योरा दिया. वित्त मंत्री ने छोटे, लघु और मझोले उद्यमों (MSME) को 3 लाख करोड़ रुपये के कर्ज देने वाली योजना का ऐलान किया था. अब देश के लगभग 7 करोड़ खुदरा दुकानदार इसका फायदा उठा सकेंगे. Also Read - Covid-19: रूस को पीछे छोड़ दुनिया में कोरोना से तीसरा सबसे ज्यादा प्रभावित देश बना भारत

कोरोना संकट काल में आर्थिक संकट से जूझ रहे खुदरा दुकानदारों के लिए मोदी सरकार की यह योजना बड़ी राहत बनकर सामने आई है. दरअसल, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) के लिए 3 लाख करोड़ की कर्ज देने वाली सरकारी गारंटी योजना वाली स्कीम का फायदा अब खुदरा दुकानदार भी उठा सकेंगे. खुदरा दुकानदारों को भी इस लोन का हकदार माना गया है, जबकि ये दुकानदार MSME में नहीं आते हैं. ऐसे में आर्थिक संकट झेल रहे खुदरा दुकानदारों के लिए यह कहीं ना कहीं राहत की बात है. Also Read - 11 जुलाई से अमेरिका के लिए उड़ान भरेंगे एयर इंडिया के विमान, बुक कराएं टिकट, जानें डिटेल

सरकार के इस फैसले का लाभ करीब 7 करोड़ खुदरा दुकानदारों को मिलने की संभावना है. इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीम के तहत MSME को दिए जाने वाले 3 लाख करोड़ के लोन की गारंटी NCGTC द्वारा दी जाएगी. जिस पर 22 मई को केंद्रीय मंत्रीमंडल की मुहर लग चुकी है. Also Read - योगी सरकार ने दी यूपी में बड़े आयोजनों की अनुमति, कोविड प्रोटोकॉल का करना होगा पालन

इस संबंध में नेशनल क्रेडिट गारंटी ट्रस्ट कंपनी ने एक गाइडलाइन जारी की है, जिसमें यह साफ किया गया है कि एमएसएमई, प्रॉपराइटरशिप या पार्टनरशिप के तहत गठित बिजनेस एंटरप्राइजेज, ट्रस्ट और लिमिटेड लायबिलिटी पार्टनरशिप, रजिस्टर्ड कंपनीज और प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत जो भी व्यक्ति लोन लेना चाहता है वह इस योजना के लिए पात्र माना जाएगा.