नई दिल्ली: एनडीए सरकार आयुष्मान भारत हेल्थकेयर स्कीम को लोकसभा चुनाव में अपनी बड़ी उपलब्धि के तौर पर प्रचारित करने जा रही है. हालांकि विपक्ष ने सरकार पर हेल्थकेयर स्कीम के बजट का पोल प्रोपेगेंडा के लिए इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है. लेकिन बीजेपी इसे पीएम की सबसे बड़ी सफल कहानियों में से एक के रूप में प्रचारित करने जा रही है. बीजेपी के सीनियर नेताओं की ओर से यह संदेश दिया गया है कि विपक्ष की बातों को नजरअंदाज करते हुए लोगों को बताया जाए कि आयुष्मान भारत हेल्थकेयर स्कीम कितना फायदेमंद है, क्योंकि यह पूरी तरह से लोगों की सेहत का ख्याल रखेगा.

बिहार में नवसारी से सांसद और सह-प्रभारी सीआर पाटिल ने शनिवार को ट्वीट किया, आयुष्मान भारत के पहले 100 दिनों में, 6,85,000 लाभार्थियों ने मुफ्त स्वास्थ्य देखभाल का लाभ उठाया. यह निरंतर प्रयासों के कारण हुआ है.सरकार कि गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ अब लाखों गरीब परिवारों को मिल रहा है, जो पहले असंभव था.

केंद्रीय मंत्री और जम्मू-कश्मीर के सांसद डॉ. जितेंद्र सिंह ने भी गोल्ड कार्ड वितरित किए और शनिवार को उधमपुर में आयुष्मान भारत के लाभार्थियों के साथ बातचीत की.बीजेपी सांसदों और मंत्रियों को हर शहर और गांव तक संदेश पहुंचाने के लिए कहा गया है.विपक्ष के आरोपों से बेपरवाह, पीएम मोदी ने रविवार को तमिलनाडु में एक रैली को संबोधित करते हुए कहा कि तमिलनाडु में 89,000 से अधिक लोग केंद्र की मोदीकेयर स्वास्थ्य बीमा योजना से लाभान्वित हुए हैं.

सरकार ने इस स्कीम के लिए 2000 करोड़ रुपए का बजट आवंटित किया है. विपक्ष इस बात के लिए सरकार की आलोचना कर रहा है कि इसमें से 400 करोड़ रुपए सिर्फ दो पेज का पत्र 15 करोड़ लोगों को भेजने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है. इस लेटर में योजना के बारे में कम, पीएम मोदी के बारे में अधिक बातें कही गई हैं. खबरों के अनुसार पीएम मोदी की तस्वीर लगे इन पत्रों की प्रिंटिंग पर ही 25 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं. वहीं इन पत्रों को लोगों तक पहुंचाने में 410 करोड़ रुपए का खर्च आएगा.

बता दें कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को कहा कि था कि एनडीए सरकार सार्वभौमिक स्वास्थ्य देखभाल सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है और स्वास्थ्य समस्याओं के समाधान के लिए अद्वितीय‘आयुष्मान भारत योजना’ को समग्र रूप से लागू किया जा रहा है. मोदी ने कहा कि प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के तहत सरकार ने देशभर के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में सुधार किये जाने का समर्थन किया है.

मोदी ने कहा कि ‘आयुष्मान भारत’ सार्वभौमिक स्वास्थ्य देखभाल को ध्यान में रखते हुए सावधानीपूर्वक सोचा गया दृष्टिकोण है और स्वास्थ्य समस्याओं के समाधान के लिए यह एक अद्धितीय पहल है. प्रधानमंत्री आरोग्य योजना (आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना) प्रतिवर्ष प्रति परिवार को पांच लाख रुपये तक की वित्तीय सुरक्षा उपलब्ध कराती है और यह 10 करोड़ से अधिक लोगों को कवर करती है. उन्होंने कहा, ‘दुनिया में यह सबसे बड़ी स्वास्थ्य बीमा योजना है.