कोलकाता: वर्तमान समय में जहां पूरे देश में नागरिकता (संशोधन) कानून का विरोध किया जा रहा है, वहीं भाजपा (भारतीय जनता पार्टी) ने इस पर अपने पक्ष को मजबूती से रखने के लिए मशहूर निर्देशक ऋत्विक घटक की फिल्मों का रूख किया है. घटक ने सत्यजीत रे और मृणाल सेन के साथ मिलकर भारत में फिल्मों के एक नए मार्ग को प्रशस्त किया. सन 1947 में विभाजन के बाद मजबूरन भारत आए लोगों की व्यथा का चित्रण उन्होंने अपनी फिल्म में बेहद ही खूबसूरती के साथ के किया है.

विभाजन पर आधारित घटक की तीन असाधारण फिल्मों ‘मेघे ढाका तारा’ (द क्लाउड कैप्ड स्टार), ‘सुवर्णरेखा’ और ‘कोमल गांधार’ (ए सॉफ्ट नोट ऑन ए शॉर्प स्केल) को दशकों से वर्ल्ड सिनेमा का एक उत्कृष्ट नमूना माना जाता रहा है.

विभाजन के बाद उस दौरान पश्चिम बंगाल आए लाखों शरणार्थियों की व्यथा को दिखाने और नागरिकता (संशोधन) अधिनियम की आवश्यकता को समझाने के लिए, भाजपा की युवा शाखा भारतीय जनता युवा मोर्चा ने घटक की फिल्मों के दृश्यों का उपयोग कर छह मिनट का एक प्रचारात्मक वीडियो बनाया है.

भाजपा नेता सामिक भट्टाचार्या ने कहा, “कुछ लोग राजनीति के एक विभाजनकारी ब्रांड का समर्थन कर विभाजन के इतिहास को मिटाने का अथक प्रयास कर रहे हैं और अपने अभियानों में गलत सूचना के माध्यम से देश की युवा पीढ़ी को अंधेरे में रखना चाहते हैं.”

भट्टाचार्या ने कहा कि वीडियो की शुरुआत घटक के समय के पहले से होती है जिसमें 1946 में कलकत्ता के भीषण दंगे को दिखाया गया है और इसके साथ-साथ आज के समय में विच्छिन्न लोगों को नागकिरता प्रदान करने तक का चित्रण इसमें किया गया है.

(इनपुट आईएएनएस)