नयी दिल्ली: लोकसभा चुनाव की तैयारी को अंतिम रूप दे रही भाजपा 75 वर्ष पूरे कर चुके नेताओं के चुनाव लड़ने पर पूरी तरह से रोक नहीं लगायेगी और जो चुनाव जीत सकते हैं, उन्हें टिकट दिया जा सकता है. सूत्रों ने बताया कि भाजपा संसदीय बोर्ड की बैठक में शुक्रवार को लोकसभा चुनाव की तैयारियों और पार्टी के प्रचार अभियान पर चर्चा हुई .

भाजपा में वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, बी सी खंडूरी, शांता कुमार, करिया मुंडा जैसे नेता 75 वर्ष की आयु को पार कर चुके हैं. ऐसे में सवाल उठाये जा रहे थे कि क्या इन नेताओं को 2019 के लोकसभा चुनाव में पार्टी का टिकट दिया जायेगा. सूत्रों ने बताया कि पार्टी ने यह तय किया है कि 75 वर्ष की आयु पूरी कर चुके नेताओं के चुनाव लड़ने पर पूरी तरह से रोक नहीं लगायी जायेगी… जो चुनाव जीत सकते हैं, उन्हें टिकट दिया जायेगा .

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बैठक में पार्टी ने आगामी चुनाव में अपना आधार और दायरा बढ़ाने के लिये गठबंधन पर जोर दिया. पार्टी के एक नेता ने बताया कि 2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा 16 से अधिक सहयोगी दलों के साथ चुनाव मैदान में उतरी थी, वहीं 2019 में सहयोगियों की संख्या बढ़कर दो दर्जन के पार हो सकती है. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी वाराणसी से चुनाव लड़ेंगे . इसके अलावा उनके लिए दूसरी सीट पर फैसला बाद में किया जायेगा.

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह सहित शीर्ष नेतृत्व ने शनिवार को करीब तीन घंटे तक विभिन्न मुद्दों पर मंथन किया ताकि आने वाले दिनों में पार्टी के एजेंडे को लेकर उसका प्रचार अभियान गति पकड़ सके. भाजपा संसदीय बोर्ड की यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब सत्तारूढ़ दल और कांग्रेस समेत समूचे विपक्ष के बीच बालाकोट में वायुसेना की कार्रवाई को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर चल रहा है . इससे दो दिन पहले ही कांग्रेस ने लोकसभा चुनाव के लिए अपने 15 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की है. चुनाव आयोग अगले कुछ दिनों में लोकसभा चुनावों के कार्यक्रम की घोषणा कर सकता है.