पणजी: गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर की अस्वस्थता के मद्देनजर राज्य की राजनीतिक स्थिति का जायजा लेने के लिए सत्तारूढ़ भाजपा के तीन केंद्रीय पर्यवेक्षकों की एक टीम रविवार को दोपहर बाद यहां पहुंची. दूसरी ओर विपक्षी कांग्रेस ने कहा है कि वह घटनाक्रम पर नजर रख रही है. वहीं, गोवा बीजेपी प्रेसिडेंट विनय तेंडुलकर ने का कि लीडरशिप में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा. मनोहर पर्रिकर गोवा के सीएम हैं, वह इस पद पर बने रहेंगे.Also Read - वरुण गांधी का योगी सरकार पर निशाना, कहा- जब लोगों को ही सब करना है तो सरकार की क्या ज़रूरत है?

बता दें कि 62 साल के पर्रिकर को इलाज के लिए नई दिल्ली में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में भर्ती कराया गया है. कुछ मीडिया रिपोर्टों में कहा गया है कि भाजपा पर्रिकर के स्वस्थ होने तक गोवा में मुख्यमंत्री पद के लिए विकल्प तलाश रही है. इस बीच, कांग्रेस ने रविवार को कहा कि वह घटनाक्रम पर नजर रख रही है और गोवा में सरकार बनाने की संभावनाएं तलाश सकती है लेकिन उसने कहा कि वह ”राज्य के हितों के साथ समझौता नहीं करेगी.” Also Read - Goa Tourism Guidelines: गोवा को बस में खाना पकाने वाले नहीं, बल्कि अमीर पर्यटक चाहिए: राज्य के पर्यटन मंत्री

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बीजेपी ने अपने राष्ट्रीय महासचिवों बी एल संतोष और राम लाल और गोवा के प्रभारी विजय पुराणिक को राजनीतिक स्थिति का जायजा लेने के लिए भेजा है. पार्टी यहां क्षेत्रीय दलों और निर्दलीय विधायकों के समर्थन से सत्ता में आई है.

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष विनय तेंदुलकर ने मीडियाकर्मियों से कहा कि “वे रविवार और सोमवार को भाजपा नेताओं और गठबंधन सहयोगियों – गोवा फॉरवर्ड पार्टी, महाराष्ट्रवादी गोमंतक पार्टी और निर्दलीय विधायकों के साथ बैठकें करेंगे.”

भाजपा नेता माइकल लोबो ने शनिवार को कहा था कि पार्टी के दूत सहयोगियों को सुझाव देंगे कि उन्हें भगवा पार्टी का हिस्सा बनना चाहिए. लोबो गोवा विधानसभा के उपाध्यक्ष हैं.

लोबो ने कहा, जीएफपी और एमजीपी को भाजपा में विलय का प्रस्ताव दिया जाएगा. इसके बाद ही हम दूसरे मुद्दों पर बात करेंगे जैसे कि कौन अगला मुख्यमंत्री होगा या कौन प्रभार संभालेगा या इससे संबंधित कुछ और. ”

भाजपा के पास 40 सदस्यीय विधानसभा में अभी 14 विधायक हैं, जबकि जीएफपी और एमजीपी के तीन-तीन विधायक हैं. उसे तीन निर्दलीय विधायकों का भी समर्थन प्राप्त है. कांग्रेस के पास 16 विधायक हैं जबकि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के पास एक विधायक है.

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव एवं गोवा में पार्टी के प्रभारी ए. चेल्लाकुमार ने कहा, ”हमारा रुख बहुत स्पष्ट है. निश्चित तौर पर हम सभी संभावनाओं को टटोलेंगे लेकिन इसका यह मतलब नहीं है कि हम गोवावासियों की विचारधारा या हितों से समझौता करके ऐसा करेंगे.” उन्होंने कहा, हमें गोवा के लोगों के हितों से समझौता करके सत्ता पाने की जल्दबाजी नहीं है. कांग्रेस लोगों के प्रति जवाबदेह है. कांग्रेस नेता ने कहा कि उनकी पार्टी राज्य के घटनाक्रम पर नजर रख रही है.

गोवा कांग्रेस प्रभारी चेल्लाकुमार ने कहा, ”हमारे सभी विधायक एकजुट हैं. हम अभी देख रहे हैं कि सत्तारूढ़ खेमे में क्या चल रहा है. अंदरुनी कलह शुरू हो गई है. कैबिनेट मंत्रियों ने एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगाने शुरू कर दिए हैं.” पर्रिकर को शनिवार की सुबह एम्स में भर्ती कराया गया. उनका इस साल की शुरुआत में अग्नाशय संबंधी बीमारी के लिए अमेरिका में तीन महीने लंबा इलाज चला था.