नई दिल्ली: देश भर में नागरिकता विधेयक के खिलाफ जम कर प्रदर्शन हुए. अभी भी कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. सत्ताधारी पक्ष का कहना है कि विपक्ष इस बिल को लेकर लोगों को गुमराह कर रही है. और इसी सिलसिले में भारतीय जनता पार्टी ने संशोधित नागरिकता कानून के समर्थन में रविवार को 10 दिन का राष्ट्रव्यापी अभियान शुरू किया. इस कानून के खिलाफ देश भर में जारी जबर्दस्त प्रदर्शनों को देखते हुए पार्टी ने यह कदम उठाया है. अभियान के तहत पार्टी के सदस्य घर-घर जाकर लोगों को इस कानून के प्रति जागरूक बनाने का प्रयास करेंगे.

आज से शुरू हुए 10 दिवसीय जागरूकता अभियान के तहत अपने-अपने क्षेत्र में विभिन्न मंत्रियों और नेताओं ने घर-घर जाकर लोगों से संपर्क किया. अभियान की अगुवाई नयी दिल्ली में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने की. राजनाथ सिंह, जे पी नड्डा और नितिन गडकरी समेत पार्टी के अन्य शीर्ष नेताओं ने देश के विभिन्न हिस्सों में यह अभियान चलाया जहां उन्होंने संशोधित नागरिकता कानून के फायदे बताए और विषय पर लोगों को पुस्तिकाएं बांटी. शाह लाजपत नगर में नौ लोगों के घर पहुंचे जहां विभाजन के बाद भारत आने वाले शरणार्थियों की अच्छी-खासी संख्या है. उन्हें लोगों से उस नंबर पर मिस कॉल देने की अपील करते हुए देखा गया जो भाजपा ने कानून के प्रति समर्थन जुटाने के लिए शुरू किया है.

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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संशोधित नागरिकता कानून को लेकर भ्रम मिटाने के मकसद से गोरखपुर में मुस्लिम समुदाय के सदस्यों से मुलाकात की और कहा कि यह कदम प्रताड़ित लोगों को शरण देने की भारतीय परंपरा के अनुरूप है. वहीं प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भी मुरादाबाद में इसी तरह का अभियान चलाया और विपक्षी पार्टियों पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि वे इस कानून को लेकर लोगों को भ्रमित करने और राज्य में अशांति फैलाने की कोशिश कर रहे हैं. पूर्वी उत्तर प्रदेश के अपने गढ़ गोरखपुर में योगी, हाजी चौधरी कैफ-उल-वारा की दुकान गए और उन्हें कानून पर एक पुस्तिका सौंपी. उन्होंने कहा कि इसका मकसद प्रताड़ित लोगों को नागरिकता देना है.उन्होंने कैफ-उल-वारा से कहा, “यह पुस्तिका सीएए के बारे में है, इसे पढ़ें और आपके सारे शक दूर हो जाएंगे. मैंने जागरूकता अभियान यहां से शुरू करने का विचार बनाया.”

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने पंचकूला में ‘संपर्क अभियान’ की शुरूआत करने के बाद आरोप लगाया कि कुछ विपक्षी पार्टियां कानून के प्रावधानों को समझे बिना देश के लोगों को गलत सूचनाएं दे रही हैं. उन्होंने कहा कि मुस्लिमों के बीच यह दुष्प्रचार किया जा रहा है कि यह कानून नागरिकता लेने के बारे में है बल्कि असल में यह नागरिकता देने के बारे में है. मुख्यमंत्री ने लोगों से सतर्क रहने और इन अफवाहों का शिकार नहीं होने की अपील की. उन्होंने लोगों से मानवता के हित में इस कानून पर विचार करने को कहा.

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हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने भी राज्य में इस अभियान की शुरुआत की.रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह अपने निर्वाचन क्षेत्र लखनऊ में न्यायमूर्ति खेम करन के घर पर पहुंचे. अभियान के लिए भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा गाजियाबाद के वैशाली में और केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी रामपुर में थे. वहीं केरल में इस अभियान की शुरुआत करते हुए केंद्रीय मंत्री किरण रिजीजू ने उम्मीद जताई कि उच्च साक्षरता दर वाले राज्य के लोग देश के सामाजिक ताने-बाने को बर्बाद करने वालों से ‘भ्रमित’ नहीं होंगे.

अभियान के तहत खेल मंत्री, मलयालम लेखक ए‍वं केरल साहित्य अकादमी पुरस्कार विजेता जॉर्ज ओनाक्कूर समेत कई प्रमुख नागरिकों के घर पहुंचे.सबसे पहले ओनाक्कूर के घर पहुंचकर उन्होंने लेखक को विवादित कानून पर केंद्र एवं भाजपा का पक्ष समझाने की कोशिश की. हालांकि ओनाक्कूर ने कहा कि इस कानून के दायरे से किसी एक धर्म के लोगों को बाहर रखा जाना उचित नहीं है. रिजीजू ने जवाब दिया कि यह कानून किसी खास धर्म के खिलाफ नहीं है और कहा कि इससे पहले राजग सरकार ने गायक अदनान सामी जैसे “अच्छे मुस्लिमों” को नागरिकता दी है.

मंत्री ने कहा, “अच्छे मुस्लिमों से हमारा मतलब उनसे है जो अपराधी नहीं हैं.”ओनाक्कूर ने बाद में संवाददाताओं से कहा कि देश की सुरक्षा के लिए नागरिकता देने के संबंध में सख्त कानूनों की जरूरत है. उन्होंने कहा, “लेकिन हम छह धर्म चुनकर और किसी एक धर्म को कानून से बाहर रख कर यह नहीं कर सकते. यह समाज में किसी को अलग-थलग किए जाने का अहसास कराता है.”लेखक के विचारों के बारे में पूछे जाने पर रिजीजू ने कहा कि लोकतंत्र में हर किसी को अपनी राय रखने का अधिकार है. वहीं तेलंगाना में, केंद्रीय मंत्री जी किशन रेड्डी ने कहा कि सीएए देश के किसी मुस्लिम को प्रभावित नहीं करेगा. साथ ही उन्होंने कांग्रेस समेत तमाम विपक्षी पार्टियों पर मुस्लिम समुदाय के बीच उन्माद पैदा करने की कोशिश करने का आरोप लगाया.

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हैदराबाद में ‘गृह संपर्क अभियान कार्यक्रम’ की शुरुआत करते हुए उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार सभी की भलाई के लिए यह कानून लाई है और किसी भी भारतीय मुस्लिम को देश छोड़कर नहीं जाने को कहा जाएगा. गृह राज्यमंत्री ने कहा कि किसी भी मुस्लिम को इससे डरने की जरूरत नहीं है.केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण मे संगनेर के खुदाबख्श चौक के कागजी मोहल्ला में सीएए पर अभियान की शुरुआत करते हुए विपक्ष पर नये कानून के बारे में गलत सूचनाएं प्रचारित करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि सीएए किसी की नागरिकता लेने के बारे में नहीं है. विपक्ष के पास कोई और मुद्दा नहीं है इसलिए जानबूझ कर गलतफहमी पैदा कर रही है.

हालांकि राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भाजपा के अभियान को रविवार को हास्यास्पद बताया. उन्होंने कहा कि अगर विवादित कानून का कोई आधार होता तो ऐसे अभियान की जरूरत ही नहीं पड़ती. केंद्रीय श्रम मंत्री संतोष गंगवार ने कहा कि वह इस कानून को लेकर मुस्लिम समुदाय के संशयों को दूर करने में सफल हो रहे हैं. पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह ने सीएए का समर्थन करते हुए पाकिस्तान के पहले कानून मंत्री जोगेंद्र नाथ मंडल के अनुभव का उल्लेख किया. सिंह ने कहा, ‘‘पाकिस्तान के पहले कानून मंत्री जोगेंद्र नाथ मंडल को इस्तीफा देना पड़ा था, जब उन्होंने उस देश में अल्पसंख्यकों पर अत्याचारों का मुद्दा उठाया था. उन्हें पाकिस्तान छोड़कर पश्चिम बंगाल में एक शरणार्थी शिविर में शरण लेनी पड़ी थी जहां उनका निधन हो गया था.’’

वहीं भाजपा के वरिष्ठ नेता राजीव प्रताप रूडी ने रविवार को कहा कि केंद्र सरकार किसी भी परिस्थिति में संशोधित नागरिकता कानून को निरस्त नहीं करेगी. साथ ही कहा पाकिस्तान में गुरद्वारे पर पथराव और हालिया हिंसा दिखाती है कि नया कानून कितना जरूरी है.कर्नाटक के मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा ने विपक्ष के नेताओं को यह साबित करने की चुनौती दी कि नागरिकता संशोधन कानून का मुस्लिम समुदाय पर गलत असर पड़ेगा.

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येदियुरप्पा ने कहा, ‘‘नागरिकता संशोधन कानून के कारण देश में हमारे मुस्लिम भाइयों पर कोई बुरा असर नहीं पड़ेगा. जवाहर लाल नेहरू, इंदिरा गांधी और राजीव गांधी (कांग्रेस पार्टी के पूर्व प्रधानमंत्रियों) के कार्यकाल के दौरान भी इस पर आम सहमति थी.’’उन्होंने कहा कि दुर्भावना के कारण मुस्लिम भाइयों में भ्रम पैदा किया जा रहा है और यही कारण है कि सीएए के समर्थन में भाजपा ने घर-घर जाकर अभियान चलाने का फैसला किया.

केंद्रीय मंत्री डी. वी. सदानंद गौड़ा, उपमुख्यमंत्रियों सी एन अश्वथनारायण और लक्ष्मण सावदी, मंत्री सुरेश कुमार ने भी विभिन्न स्थानों पर यह अभियान चलाया.तेलंगाना में, केंद्रीय मंत्री जी किशन रेड्डी ने कहा कि सीएए देश के किसी मुस्लिम को प्रभावित नहीं करेगा. साथ ही उन्होंने कांग्रेस समेत तमाम विपक्षी पार्टियों पर मुस्लिम समुदाय के बीच उन्माद पैदा करने की कोशिश करने का आरोप लगाया. हैदराबाद में ‘गृह संपर्क अभियान कार्यक्रम’ की शुरुआत करते हुए उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार सभी की भलाई के लिए यह कानून लाई है और किसी भी भारतीय मुस्लिम को देश छोड़कर नहीं जाने को कहा जाएगा.

बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि पाकिस्तान के गुरुद्वारे में हुई हालिया हिंसा और पथराव ने “साबित” कर दिया कि संशोधित नागरिकता कानून “उचित समय पर लिया गया सही निर्णय है.”उन्होंने पटना के दीघा विधानसभा क्षेत्र के तहत शास्त्री नगर इलाके में पार्टी का जागरूकता कार्यक्रम शुरू किया जहां उन्होंने लोगों से मुलाकात की और कानून के बारे में उन्हें समझाया. भाजपा के वरिष्ठ नेता सुब्रह्मण्यम स्वामी ने कहा कि संशोधित नागिरकता कानून के खिलाफ प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा और आगजनी की साजिश पाकिस्तान और बांग्लादेश के ‘आतंकवादी’ तत्वों ने रची.

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स्वामी ने कहा कि इस कानून का किसी के धर्म से कोई लेना-देना नहीं है और मुस्लिम समेत किसी भी मूल भारतीय नागरिक को चिंता करने की जरूरत नहीं.केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा पाकिस्तान, बांग्लादेश या अफगानिस्तान से धार्मिक प्रताड़ना के चलते आने वाले हिंदुओं, सिखों और अन्य अल्पसंख्यकों के लिए भारत एकमात्र शरण स्थल है. सिंह ने जम्मू में संपर्क अभियान की शुरुआत करते हुए कहा कि भारत इन देशों में रह रहे अल्पसंख्यकों की जिम्मेदारी लेता है. केंद्रीय मंत्री महेंद्र नाथ पांडे ने भी सीएए का बचाव करते हुए कहा कि लाखों लोग अपना सम्मान, संस्कृति एवं धर्म बचाने के लिए शरणार्थी बन गए. रांची में भाजपा कार्यालय में सीएए पर आयोजित एक कार्यशाला में उन्होंने कहा, “विपक्ष की दूषित राजनीति का पर्दाफाश करने के लिए भाजपा ने जन संपर्क अभियान शुरू किया है.”

 

इनपुट- भाषा