नई दिल्ली। भारत के 13वें राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का कार्यकाल इस साल जुलाई में समाप्त हो रहा है। इसी माह नए राष्ट्रपति के लिए चुनाव आयोजित किए जाएंगें। पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव परिणामों ने बीजेपी को बहुमत के करीब ला दिया है। इससे एक बात तो स्पष्ट है कि अगला राष्ट्रपति बीजेपी की पसंद का ही होगा। इसके लिए लालकृष्ण अडवाणी, मुरली मनोहर जोशी और सुमित्रा महाजन समेत बीजेपी के कई वरिष्ठ नेताओं के नाम की चर्चा शुरू हो गई है।

राष्ट्रपति पद के लिए 10,98,882 वोटों की वैल्यू होती है। इसमें चुनाव जीतने के लिए 5.49 लाख वोट चाहिए। बीजेपी+ के पास 4.57 लाख वोट हैं। अगर पूरा तीसरा मोर्चा भी एक हो जाता है उसके बावजूद बीजेपी के बराबर मत नहीं ला पाएगा। हाल ही में पांच राज्यों के चुनावी नतीजों ने करीब 96 हजार वोट का इंतजाम और कर दिया है। ऐसे में बिल्कुल साफ है कि अगला राष्ट्रपति बीजेपी अपनी पसंद का ही बनाएगी। राष्ट्रपति पद के लिए बीजेपी में कई दावेदार होने से एकबार फिर घमासान मच सकता है। फिलहाल इन नामों की सुगबुगाहट तेज़ है… {यह भी पढ़ेंः यूपी चुनावः बीजेपी के प्रदर्शन पर टिका है दारोमदार, देश की राजनीति में होंगे बड़े बदलाव!}

1. सुमित्रा महाजन
लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन का नाम 14वें राष्ट्रपति के लिए ऊपर माना जा रहा है। वे इंदौर से लगातार आठवीं बार चुनकर संसद पहुंची हैं। बेहद शांत और साफ छवि की सुमित्रा महाजन बतौर लोकसभा स्पीकर काफी सफल रही हैं। बीजेपी और अन्य दलों में सुमित्रा महाजन के नाम पर सर्वसम्मति बन सकती है।

2. लालकृष्ण अडवाणी
बीजेपी के मार्गदर्शक की भूमिका निभा रहे वरिष्ठ नेता लालकृष्ण अडवाणी भी राष्ट्रपति पद की रेस में हैं। लालकृष्ण आडवाणी की उम्र और यदा-कदा सरकार को नसीहत देने वाले बयानों की वजह से उन्हें इस पद के लिए चुनना शायद प्रधानमंत्री को स्वीकार्य नहीं होगा। 2014 में पीएम पद के लिए नरेंद्र मोदी की दावेदारी का भी उन्होंने विरोध किया था।

3. सुषमा स्वराज
विदेश मंत्री सुषमा स्वराज पार्टी में नरेंद्र मोदी और अमित शाह से भी वरिष्ठ हैं। उनके नाम पर भी विचार किया जा सकता है। 2009 में सुषमा स्वराज विपक्ष की नेता भी रही हैं। इससे पहले भी कैबिनेट मंत्री और दिल्ली की मुख्यमंत्री भी रह चुकी हैं। उनकी तबियत कम ठीक रहती है इसलिए अब उन्हें सक्रिय राजनीति से निकालकर राष्ट्रपति पद का तोहफा दिया जा सकता है।

4. द्रौपदी मुर्मू
झारखंड की राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू वर्तमान में झारखंड की राज्यपाल हैं। ओडिशा सरकार में मंत्री भी रही हैं। उन राष्ट्रपति पद के लिए आगे करके बीजेपी एक बड़ा दांव खेल सकती है। द्रौपदी मुर्मू दलित महिला हैं। उन्हें राष्ट्रपति बनाकर बीजेपी एक बड़ा संदेश दे सकती है।

5. मोहन भागवत
यूपी में मुख्यमंत्री पद के लिए योगी आदित्यनाथ को सामने लाकर बीजेपी ने हिंदूवादी एजेंडे को आगे कर दिया है। माना जा रहा है कि राष्ट्रपति पद के लिए मोहन भागवत को आगे करके बीजेपी सबको चौंका सकती है। शिवसेना ने भी राष्ट्रपति पद के लिए मोहन भागवत के नाम को समर्थन दिया है। मोहन भागवत आरएसएस के प्रमुख हैं।

इनके अतिरिक्त सांसद हुकुमदेव नारायण, बिहार के राज्यपाल रामनाथ कोविड़, सामाजिक न्याय मंत्री थावर चंद गहलोत और केंद्रीय मंत्री वेंकैया नायडू के नाम की भी चर्चा है। अब देखना दिलचस्प होगा कि पीएम मोदी राष्ट्रपति पद के रूप में गुरदक्षिणा चुकाते हैं, जातीय समीकरण देखते हैं या दरियादिली दिखाते हुए बीजेपी के बाहर के किसी व्यक्ति को समर्थन देते हैं।