नई दिल्ली. तेलुगू देशम पार्टी (टीडीपी) ने केंद्र में सत्तारूढ़ नरेंद्र मोदी की सरकार से निकलने का फैसला कर लिया है. राजग के इस सहयोगी का यह निर्णय न सिर्फ मोदी सरकार के लिए पूर्वोत्तर में मिली जीत के जश्न में खलल है, बल्कि अगले साल होने वाले आम चुनाव में गठबंधन को इसका नुकसान उठाना पड़ सकता है. आंध्रप्रदेश में लोकसभा की 25 सीटें हैं. ये करीब उतनी ही हैं, जितनी पूर्वोत्तर के सभी राज्यों में लोकसभा की कुल सीटे हैं. इनमें से कुल 17 सीटों पर अभी टीडीपी और भाजपा का कब्जा है, जबकि 8 सीटें वाईएसआर कांग्रेस के पास हैं. कांग्रेस के पास अभी आंध्र में एक भी सीट नहीं है. Also Read - लॉकडाउन को फेल बताने पर राहुल गांधी पर बीजेपी का पलटवार: झूठ नहीं फैलाएं, दुनिया के आंकड़े देखें

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टीडीपी प्रमुख चंद्रबाबू नायडू ने राजग के साथ अपने पार्टी के भविष्य का फैसला फिलहाल नहीं किया है. कल रात केंद्र सरकार से हटने का फैसला करने के बाद पार्टी ने केंद्र में अपने दोनों मंत्रियों से कहा कि वे 8 मार्च को इस्तीफा दे दें. मोदी सरकार के ये दो मंत्री केंद्रीय नागर विमानन मंत्री अशोक गजपति राजू और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्यमंत्री वाई. एस. चौधरी हैं. आंध्र के सीएम और टीडीपी के अध्यक्ष ने मीडिया से बातचीत में कहा कि टीडीपी ने ‘राज्य के हित में दर्दभरा फैसला’ किया क्योंकि उसके पास ‘कोई अन्य विकल्प’ नहीं था. नायडू ने कहा, ‘जब: केन्द्रीय कैबिनेट में शामिल होने का: उद्देश्य पूरा नहीं हो रहा तो इसमें बने रहने में कोई तुक नहीं. मेरे लिए एकमात्र एजेंडा राज्य के हितों की सुरक्षा करना है.’ हालांकि टीडीपी ने भाजपा के साथ संबंध बनाए रखने की गुंजाइश भी छोड़ी है. नायडू ने भविष्य में गठबंधन बने रहने की संभावना की ओर संकेत देते हुए कहा, ‘हम राजग से बाहर आ गए हैं लेकिन (भाजपा टीडीपी संबंधों को लेकर) दलों से जुड़े मामलों पर बाद में फैसला किया जाएगा.’ Also Read - सत्ता के लालची लोग महाराष्ट्र सरकार को अस्थिर करने की लगातार कोशिश कर रहे हैं : कांग्रेस

टीडीपी-भाजपा के मंत्रियों ने पीएम मोदी और सीएम नायडू के कैबिनेट से दिया इस्तीफा

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टीडीपी की टूट को भाजपा नेता आंध्र में बता रहे पार्टी के लिए मौका

इधर, भाजपा सूत्रों ने सुझाव दिया है कि टीडीपी सांसदों को केंद्र से निकलना होगा, क्योंकि आंध्रप्रदेश में नायडू सरकार में शामिल भाजपा के मंत्रियों ने भी प्रदेश सरकार से निकलने का मन बना लिया है. तेलुगू देशम पार्टी की घोषणा के बाद भाजपा के एक नेता ने दिल्ली में कहा, ‘यह संभव नहीं होगा कि हमारे मंत्री चंद्रबाबू सरकार में अपने पद पर बने रहें.’ टीडीपी के जवाब में आंध्र में भाजपा के दो मंत्रियों के. श्रीनिवास राव और टी. माणिकयला राव ने भी इस्तीफा देने के अपने फैसले की घोषणा की. टीडीपी और भाजपा के संबंधों और अगले साल होने वाले आम चुनावों को लेकर भाजपा के एक पदाधिकारी ने कहा, ‘अभी चुनाव में बहुत दिन बाकी हैं. देखते हैं राज्य की राजनीति में भाजपा के लिए कैसी स्थिति बनती है, सकारात्मक या नकारात्मक.’ वहीं एक अन्य वरिष्ठ भाजपा नेता ने कहा, ‘यह हमारी पार्टी के लिए एक अवसर है.’