इंदौर (मध्य प्रदेश): सार्वजनिक स्थानों पर बगैर मंजूरी के राजनीतिक पोस्टर-बैनर लगाये जाने के खिलाफ भारी-भरकम जुर्माने की संभवत: यहां अपनी तरह की पहली कार्रवाई के तहत शहरी निकाय प्रशासन(आईएमसी) ने भाजपा से कहा है कि वह उसे 13.46 लाख रुपये चुकाये. दिलचस्प बात यह है कि इंदौर नगर निगम (आईएमसी) की बागडौर भाजपा के पास ही है.

आईएमसी के एक अधिकारी ने मंगलवार को बताया कि कार्रवाई की जद में आयी यह प्रचार सामग्री संशोधित नागरिकता अधिनियम (सीएए) के समर्थन में भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा की अगुवाई में यहां रविवार को आयोजित कार्यक्रम को लेकर “अवैध और अनधिकृत तौर पर” लगायी थी.

अधिकारी ने बताया कि इस मामले में भाजपा की शहर इकाई के अध्यक्ष गोपीकृष्ण नेमा को बाकायदा पत्र जारी कर कहा गया है कि वह आईएमसी के खजाने में 13 लाख 46 हजार 300 रुपये की जुर्माना राशि “अनिवार्य रूप से” जमा करायें.

शहरी निकाय के इस पत्र में रविवार को अलग-अलग स्थानों पर बगैर मंजूरी पोस्टर-बैनर लगाये जाने और अतिक्रमण कर सड़क पर यातायात बाधित किये जाने का जिक्र है. बहरहाल, इस पत्र में नड्डा के नाम या सीएए के समर्थन में भाजपा के बड़े कार्यक्रम का सीधा उल्लेख करने से बचा गया है.

दिलचस्प बात यह है कि जिस आईएमसी की ओर से भाजपा की शहर इकाई को भारी जुर्माने का यह पत्र जारी किया गया है, उस शहरी निकाय पर इसी पार्टी का राज है. हालांकि, प्रदेश सरकार की बागडोर कांग्रेस के हाथों में है.

फजीहत होने के बाद स्थानीय भाजपा विधायक और शहर की महापौर मालिनी लक्ष्मणसिंह गौड़ ने अपनी पार्टी के खिलाफ आईएमसी प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाये हैं.

गौड़ ने संवाददाताओं से कहा, “जुर्माना लगाने की भी एक हद होती है. कमलनाथ की अगुवाई वाली प्रदेश सरकार के इशारे पर आईएमसी प्रशासन के अफसरों ने पोस्टर-बैनर मामले में भाजपा के साथ सरासर भेदभाव किया है.” महापौर ने दावा किया कि कांग्रेस नेताओं ने कुछ दिन पहले शहर में अनधिकृत तौर पर राजनीतिक पोस्टर-बैनर लगाये थे. लेकिन आईएमसी प्रशासन ने उन पर अब तक कोई जुर्माना नहीं लगाया है.

(इनपुट भाषा)