नई दिल्ली. एसी ट्रेनों में सफर करने वाले यात्रियों के लिए अच्छी खबर है. अब आपको इन ट्रेनों में दिए जाने वाले कंबलों को लेकर शिकायत का मौका नहीं मिलेगा. न ही गंदे कंबलों से बदबू आने की समस्या झेलनी होगी. आप किसी भी समय इन ट्रेनों में यात्रा करें, आपको साफ-सुथरे और धुले हुए कंबल मिलेंगे. दरअसल, रेलवे ने एसी ट्रेनों में धुले हुए कंबलों के प्रयोग के संबंध में नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं. इसके तहत अब वातानुकूलित रेलगाड़ियों की ट्रेनों में इस्तेमाल किए जाने वाले कंबलों को एक महीने के भीतर दो बार धोया जाएगा. रेलवे ने यात्री सुविधाओं में बढ़ोतरी करने के अपने प्रयासों के तहत यह व्यवस्था की है. Also Read - IRCTC/Indian Railway Latest News Update: 19 जनवरी से अब सप्ताह के सभी सात दिन चलेगी मुंबई- निजामुद्दीन राजधानी एक्सप्रेस

अभी एक ही बार धुलते हैं कंबल
रेलवे ने एसी ट्रेनों में धुलने वाले कंबलों के इस्तेमाल की योजना बनाई है. इसी के तहत एसी कोच के यात्रियों के कंबलों को महीने में दो बार धुलने का निर्देश जारी किया गया है. मौजूदा समय में कंबलों को दो महीने में एक बार धोने का नियम है. कंबलों की धुलाई की संख्या में वृद्धि के साथ कंबल को मौजूदा चार वर्षों तक उपयोग करने का नियम खत्म कर अब दो साल कर दिया गया है. कंबलों की कीमत हालांकि लगभग दोगुनी होने की उम्मीद है. संशोधित निर्देशों के मुताबिक, एसी यात्रियों के नए कंबलों में ऊन और नायलॉन का मिश्रण होगा, हालांकि इनके मौजूदा कीमत से दोगुना होने की उम्मीद है. Also Read - इंडियन रेलवे फायनेंस कॉर्पोरेशन का अगले सप्ताह आएगा IPO, प्राइस बैंड 25-26 रुपये तय; जानें- खास बातें

रोज 4 लाख कंबलों का होता है इस्तेमाल
देश भर में लागू होने वाले इस योजना से जुड़े रेल मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘वर्तमान में उपयोग होने वाले भारी ऊनी कंबल की कीमत 400 रुपए है. कपड़े में बदलाव के बाद अब नई कीमत जल्द ही तय की जाएगी.’ कंबल की कीमत चूंकि पिछले 10 वर्षों में संशोधित नहीं की गई है, इसलिए बदले गए नियम के बाद अब इसकी लागत अधिक होने की उम्मीद है. रेलवे को देश भर में अपने वातानुकूलित यात्रियों के लिए रोजाना 3.90 लाख कंबलों की जरूरत होती है. वातानुकूलित प्रथम श्रेणी में प्रत्येक उपयोग के बाद कंबल का कवर बदल दिया जाता है, लेकिन यह सुविधा वातानुकूलित द्वितीय और वातानुकूलित तृतीय श्रेणी के यात्रियों के लिए नहीं है. Also Read - सरकार ने बढ़ा दी है रेलवे भर्ती परीक्षा की फीस? अब फॉर्म के देने होंगे इतने रुपये! जानें क्या है हकीकत