Blue Flag Beach In India: पर्यावरण मंत्रालय ने बताया कि भारत के 2 समुद्र तटों (बीच) को ब्लू फ्लैग सर्टिफिकेट (Blue Flag Certificate) से सम्मानित किया गया है. बता दें कि ब्लू फ्लैग एक इको लेबल टैग है. अबतक देश में कुल 8 समुद्री तटों को ब्लू फ्लैग सर्टिफिकेट दिया गया था. वहीं अब 2 और समुद्री तटों को ब्लू फ्लैग लेबल मिलने के बाद कुल 10 समुद्री तट ऐसे हो गए हैं जिनके पास ब्लू फ्लैग लेबल है. बता दें कि इस साल तमिलनाडु में केवलन और पुडुचेरी में ईडन समुद्री तट को इस साल सर्टिफिकेट मिला है.Also Read - अदा शर्मा ने Beach पर साड़ी पहन की ऐसी हरकत, अपने सपने में भी नहीं सोच सकते...देखें वीडियो

फाउंडेशन फॉर एनवायरमेंट एजुकेशन (FEE), डेनमार्क ने 8 नामित समुद्र तटों- शिवराजपुर-गुजरात, घोगला-दीव, कासरकोड़ और पदुबिद्री-कर्नाटक, कप्पड़-केरल, रुशिकोंडा-आंध्रप्रदेश के लिए लिए भी एक बार फिर से सर्टिफिकेशन दिया गया है. इन समुद्र तटों को 6 अक्टूबर के दिन ब्लू फ्लैग सर्टिफिकेशन मिला था. Also Read - मालदीव में Sophie Choudry में दिखाया बॉडी का एक-एक कर्व, बिकिनी में की हॉट तस्वीरें शेयर

क्या है ब्लू फ्लैग सर्टिफिकेट Also Read - भारत के 8 समुद्र तटों को मिला मशहूर 'ब्लू फ्लैग' सर्टिफिकेट, जानें क्या हैं इसके फायदे

Blue Flag सर्टिफिकेट एक विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त लेबल है जो समुद्री तटों को लेकर दिया जाता है. ये लेबल 4 प्रमुखों में 33 कड़े मानदंडों के आधार पर दिया गया है. बता दें कि ब्लू फ्लैग सर्टिफिकेट के लिए पर्यावरण शिक्षा और सूचना, पर्यावरण प्रबंधन और संरक्षण, स्नान के पानी की गुणवत्ता, समुद्री तटों पर सुरक्षा, सफाई इत्यादि के मानकों का पालन करना होता है. जिस भी देश के समुद्र तटों पर ये सुविधाएं होती हैं उन समुद्री तटों को ब्लू फ्लैग सर्टिफिकेट दिया जाता है.

ब्लू फ्लैग बीच एक इको टूरिज्म मॉडल है जो पर्यटकों/समुद्र तट पर जाने वालों को स्वच्छ पानी, सुविधाएं, एक सुरक्षित और और स्वस्थ वातावरण और क्षेत्र का सतत विकास प्रदान करने का प्रयास करता है. बता दें कि विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर साल 2018 में भारत सरकार ने सफाई अभियान के ‘आई एम सेविंग माय बीच’ को लॉन्च किया था. भारत सरकार द्वारा लगातार समुद्री तटों को सुरक्षित, साफ रखने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं.