अमरावती: आंध्र प्रदेश में नाव डूबने की दुर्घटना में एक नवजात बच्चे समेत चार लोगों के शव सोमवार सुबह मिलने से अब मरने वालों की संख्या 12 हो गई है. आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी. नौसेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और राज्य अधिकारी लापता 21 लोगों की गहन तलाश में जुटे हैं. राज्य आपदा प्रबंधक अथॉरिटी (एसडीआरएफ) के सूत्रों ने बताया कि रविवार रात तक आठ लोगों के शव नदी से निकाले गए थे और सोमवार सुबह अन्य चार शव पूर्वी गोदावरी जिले के दुर्घटनास्थल कछुलूर से बरामद किए गए.

सर आर्थयर कॉटन बैराज के गेट बंद कर दिए गए हैं
नौसेना के एक हेलि‍कॉप्टर और ओएनसीजी के एक हेलि‍कॉप्टर को सेवा में लगाया गया है, जबकि एनडीआरएफ और एसडीआरएफ के कर्मचारी आठ नावों का इस्तेमाल लोगों की तलाश के लिए कर रहे हैं. दोवालेश्वरम के सर आर्थयर कॉटन बैराज के गेट बंद कर दिए गए हैं, ताकि लोगों के शव बहकर नीचे न चले जाएं.

ग्रामीणों ने 27 लोगों को इस दुर्घटना में बचाया
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाई एस जगनमोहन रेड्डी ने दु्र्घटनास्थल का हवाई दौरा किया. दरअसल, रॉयल वशिष्ठ नाम की नाव प्राकृतिक छटा वाले पापीकोंडला जा रही थी. नदी के मध्य में पहुंचने पर नौका दुर्घटनाग्रस्त हो गई. ऐसा प्रतीत होता है कि नौका किसी बड़ी चट्टान से टकराकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई. टुटगुंटा के ग्रामीणों ने 27 लोगों को इस दुर्घटना में बचाया.

60 लोगों से भरी नौका उफनती गोदावरी नदी में डूब गई
आंध्रप्रदेश में रविवार को करीब 60 लोगों को लेकर जा रही एक निजी नौका उफनती गोदावरी नदी में डूब गई, जिससे 12 लोगों की मौत हो गई और 21 अन्य लापता हो गए. राज्य सरकार ने यह जानकारी दी.राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एसडीएमए) ने रव‍िवार को देर रात जारी एक विज्ञप्ति में कहा कि त्रासदी में कम से कम 27 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया. शुरुआती रिपोर्ट में पुलिस ने 12 लोगों के शव मिलने की बात कही थी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, कांग्रेस नेता राहुल गांधी, आंध्रप्रदेश के राज्यपाल विश्वभूषण हरिचंदन, मुख्यमंत्री वाई एस जगन मोहन रेड्डी एवं अन्य ने घटना पर शोक जताया है.

आपदा मोचन बल लापता यात्रियों की तलाश में जुटेे 
नौसेना से गोताखोरों की एक टीम कछुलूर में दुर्घटनास्थल पहुंची और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल एवं राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल के कर्मियों के साथ लापता यात्रियों की तलाश में जुटी. नदी पिछले कुछ दिनों से उफान पर है और जिस वक्त यह हादसा हुआ उस वक्त नदी में 5.13 लाख क्यूसेक से अधिक पानी का प्रवाह था.

मृतकों के परिवार के लिए अनुग्रह राशि
अधिकतर पर्यटक हैदराबाद और पड़ोसी तेलंगाना के वारंगल से थे. राज्य के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव ने अपने राज्य से मृतकों के परिवार के लिये पांच-पांच लाख रुपए की अनुग्रह राशि की घोषणा की है और राहत कार्यों तथा घायलों की मदद में समन्वय के लिए मंत्रियों को नियुक्त किया है.

क्या नौका चलाने के लिए आवश्यक अनुमति ली थी
नौका के पास लाइसेंस है हालांकि अभी यह साफ नहीं है कि उसने क्या नौका चलाने के लिए आवश्यक अनुमति ली थी, क्योंकि बाढ़ की वजह से नदी में नौका संचालन पर रोक लगा दी गई थी. तेलंगाना से मरने वाले लोगों की संख्या की अभी पुष्टि नहीं हुई हालांकि घटना में वारंगल जिले और हैदराबाद से कम से कम 14 लोग लापता है. राज्य की राजधानी में अधिकारियों ने यह जानकारी दी.