Big Breaking: राजस्थान के बूंदी में चंबल नदी को पार करते समय यात्रियों से भरी एक नाव पलट गई, जिसमें 35 लोग सवार थे जो नदी की तेज धार में डूब गए, इनमें से अबतक 12 लोगों के शव बरामद कर लिए गए हैं. चार लोग अबतक लापता हैं, वहीं 19 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है.  बाकी चार लोगों की तलाश अबतक जारी है. जानकारी के मुताबिक ये सभी लोग कमलेश्वर धाम जाने के लिए नाव में बैठकर चंबल नदी पार कर रहे थे. कहा जा रहा है कि नाव पर भार अधिक था और वह पहले से ही क्षतिग्रस्त थी. Also Read - UP: पेड़ से टकराई कार, अहले सुबह भीषण सड़क हादसे में चार लोगों की दर्दनाक मौत

हादसा आज सुबह नौ बजे के करीब हुआ, जब पुरानी क्षतिग्रस्त नाव में सवार होकर पास के ही कमलेश्वर धाम मंदिर में लोग दर्शन के लिए जा रहे थे. नाव में क्षमता से अधिक लोग सवार हो गए थे और इसमें 10 मोटरसाइकिल सहित अन्य सामान भी रखा हुआ था, जिससे नाव चंबल नदी में कुछ दूर जाकर ही असंतुलित होकर पलट गई और नाव पर सवार लोग डूबने लगे. दो लोग तैरकर किसी तरह से बाहर निकले और लोगों को जानकारी दी. तबतक काफी देर हो चुकी थी. नाव पर बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे सवार थे. Also Read - सचिन पायलट की शिकायत सुनने को कांग्रेस ने बनाई कमेटी, अजय माकन को मिली नई जिम्मेदारी

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने हादसे पर दुख जताया है और मृतकों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना जतायी है. मुख्यमंत्री ने अपने ट्वीट में लिखा है कि कोटा प्रशासन से बात कर घटना की जानकारी ली है. तत्परता से राहत एवं बचाव के साथ ही लापता लोगों को शीघ्र ढूंढने के निर्देश दिए हैं. स्थानीय पुलिस एवं प्रशासन घटनास्थल पर मौजूद है. प्रभावित परिवारों को मुख्यमंत्री सहायता कोष से मदद के लिए निर्देश दिए हैं. Also Read - विधानसभा में बदली सीट तो बोले सचिन पायलट- 'विपक्ष के पास इसलिए बिठाया गया क्योंकि बॉर्डर पर...'

घटना की जानकारी मिलते ही उच्चाधिकारी मौके पर पहुंचे और तुरंत ही रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया. गोताखोरों की मदद से नदी में डूबे लोगों के शव निकाले गए हैं. इस घटना पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने दुःख जताया है तो वहीं लोकसभा सचिवालय कोटा जिला कार्यालय से घटना की जानकारी ले रहा है. मंत्री शांति धारीवाल ने जिला कलेक्टर व एसपी को रेस्क्यू ऑपरेशन त्वरित रूप से चलाने का निर्देश दिया है. अधिकांश गोठड़ा कलां व चाणद गांव के रहने वाले हैं.