फरीदाबाद: शहर की दयालबाग स्थित अग्रवाल सोसाइटी में एक ईसाई परिवार के चार लोगों ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. पुलिस ने शनिवार को मौके पर पहुंचकर दरवाजा खोला तो अंदर चारों के शव फंदे से लटके मिले. शव बुरी हालत में थे, जिससे ऐसा लगता है कि आत्महत्या की यह घटना कई दिन पहले हुई. पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें किसी को मौत का जिम्मेदार नहीं बताया गया है. सुसाइड नोट में लिखा है कि वे चारों भाई-बहन परेशान हैं. मां की मौत के बाद वे नहीं रह सकते, इसलिए आत्महत्या कर रहे हैं. सुसाइड नोट में घटना की सूचना एक पादरी को देने के लिए कहा गया है.पुलिस ने शव पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवा दिए हैं. Also Read - राजस्‍थान के दलित का हरियाणा में जबरन धर्म परिवर्तन कराया, जांच शुरू

चौकी प्रभारी रणधीर ने कहा कि अभी तक कोई रिश्तेदार सामने नहीं आया है. पुलिस मामले में कार्रवाई कर रही है. मृतकों के पिता की पहले मौत हो चुकी थी और मां की कुछ दिन पहले मौत हुई थी. शायद परिवार इस वजह से परेशान था. मौके पर थाना सूरजकुंड दयालबग पुलिस के अलावा फॉरेंसिक विशेषज्ञ डॉ मनीषा की टीम ने भी जांच शुरू कर दी.

चौकी प्रभारी रणधीर यादव ने कहा कि रामबाग की अग्रवाल सोसाइटी में एक ईसाई परिवार के चार भाई-बहन रहते थे, जिनके नाम प्रदीप, मीना, नीना और जया थे. उनके माता-पिता की मौत पहले ही हो गई थी.

पड़ोसियों ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से उनके घर में कोई आवाजाही नहीं थी. शनिवार को उनके अपार्टमेंट से ज्यादा बदबू आने लगी तो उन्होंने इसकी सूचना पुलिस को दी.

पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची तो घर चारों तरफ से बंद मिला. उन्होंने दरवाजे का ताला तोड़कर अंदर देखा तो घर की गैलरी में दो बहनें फांसी के फंदे से लटकी मिलीं. वहीं, उनके भाई प्रदीप और एक बहन ने दो अलग-अलग कमरों में फांसी लगा रखी थी. गैलरी में से एक सुसाइड नोट भी मिला, जिसमें लिखा है कि वे चारों भाई-बहन परेशान हैं. मां की मौत के बाद वे नहीं रह सकते, इसलिए आत्महत्या कर रहे हैं. सुसाइड नोट में घटना की सूचना एक पादरी को देने के लिए कहा गया है.

पुलिस ने बताया कि शव कई दिन पुराने होने की वजह से सड़ गए हैं, जिसके कारण उनसे बदबू आ रही थी. फॉरेंसिक व पुलिस टीम ने शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए सिविल अस्पताल भिजवा दिया है.