नई दिल्ली:  पूर्वी लद्दाख में भारत चीन की (India-China LAC at Ladakh) सेनाओं के बीच सोमवार को हुई झड़प में देश के 20 जवानों ने अपनी जान गंवा दी. इस झड़प में कर्नल संतोष बाबू (Colonel Santosh Babu) भी शहीद हो गए. जिसके बाद बुधवार देर रात उनका पार्थिव देह उनके घर विद्यानगर पहुंचा. ऐसे में शहीद कर्नल संतोष बाबू के अंतिम दर्शन के लिए सैकड़ों की संख्या में भीड़ उमड़ पड़ी. तिरेंगे से लिपता पार्थिव देह देखने के लिए उमड़ी भीड़ की आंखों में नमी तो थी, लेकिन उससे कहीं ज्यादा लोगों के चेहरे पर उन्हें लेकर गर्व देखने को मिला. जैसे ही सेना के जवान ऐंबुलेंस से तिरंगे में लिपटे संतोष बाबू का पार्थिव शरीर बाहर लेकर निकले, हर तरफ ‘संतोष बाबू अमर रहें’ के नारे गूंजने लगे. Also Read - India China Standoff Live Updates: अमेरिकी सीनेटर ने कहा- चीन से डरने वाला नहीं है भारत, हम उसके साथ

कर्नल संतोष बाबू उन 20 जवानों में से एक थे, जिन्होंने गलवान घाटी में चीन के साथ खूनी संघर्ष (India China Galwan Valley Fight) के दौरान अपनी जान गंवा दी. ऐसे में बुधवार करीब 12:30 बजे उनका पार्थिव देह उनके पैतृक गांव सूर्यापेट के विद्यासागर कॉलोनी पहुंचा. Also Read - मन की बात में PM मोदी ने साधा चीन पर निशाना, बोले- 'भारत की तरफ आंख उठाकर देखने वालों को करारा जवाब मिला'

इस दौरान जिलाधीश, पुलिस अधीक्षक, मेजर जनरल और अन्य अधिकारियों ने संतोष बाबू के पार्थिव देह का स्वागत किया. एंबुलेंस के साथ ही मंत्री जगदीश रेड्डी और संतोष बाबू की पत्नी और बच्चे भी सूर्यापेट पहुंच गए.

ऐसे में शहीद जवान के अंतिम दर्शन के लिए भारी संख्या में भीड़ इकट्ठी हो गई. इस दौरान सभी लोगों की आंखें नम थीं, लेकिन हर तरफ ‘संतोष बाबू अमर रहे’ के नारे भी गूंज रहे थे. बता दें शहीद संतोष बाबू के पार्थिव देह को विशेष विमान के जरिए हकीमपेट लाया गया था.

शहीद कर्नल के शव के हकीमपेट पहुंचने पर राज्यपाल तमिलिसाई सौंदरराजन, मंत्री केटीआर, मल्लारेड्डी और तमाम अधिकारियों ने शहीद संतोष बाबू को श्रद्धांजलि अर्पित की और फिर अधिकारियों ने सलामी दी.