नई दिल्ली. इथोपियन एयरलाइंस का बोइंग 737 मैक्स 8 विमान रविवार को इथोपिया के अदीस अबाबा के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया था. इससे विमान में सवार चार भारतीय समेत विमान सभी 157 लोगों की मौत हो गई थी. यही नहीं बीते पांच महीने में बोइंग 737 मैक्स 8 विमान दूसरी बार हादसे का शिकार हुआ है. पिछले साल अक्टूबर में लायन एयरलाइन का इसी सीरीज का एक विमान इंडोनेशिया में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था, जिसमें 180 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी. इसके बाद भारत ने भी एक्शन लेते हुए बोइंग 737 मैक्स 8 विमान को प्रतिबंधित कर दिया. बता दें कि विश्व के कई अन्य देशों ने भी इस तरह का कदम उठाया है.

इन देशों में बंद
बता दें कि यूरोपीय संघ और कई देशों ने अपने-अपने हवाई क्षेत्र में 737 मैक्स 8 के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगा दिया है. इस विमान के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाने वाला पहला देश नीदरलैंड है. इसके अलावा ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी ने भी बोइंग 737 मैक्स 8 के उड़ान भरने पर रोक लगा दी है. तुर्की की एयरलाइन ने भी ऐलान किया है कि वह बुधवार से कुछ स्पष्टताएं आने तक इन विमानों का परिचालन नहीं करेगी. वहीं नार्वे की एयर शटल एयरलाइन, दक्षिण कोरिया की ईस्टर जेट, दक्षिण अफ्रीका की कॉमैर ने भी इन विमानों से परिचालन नहीं करने का ऐलान किया है. सिंगापुर, ऑस्ट्रेलिया, मलेशिया, अर्जेंटीना और ओमान ने भी बोइंग 737 मैक्स विमानों पर प्रतिबंध लगा दिया है. चीन ने घरेलू एयरलाइनों को सोमवार से ही इस विमान का परिचालन रोकने का आदेश दिया था. वहीं, इंडोनेशिया ने भी ऐसा ही किया है.

स्पाइस जेट के पास 12 ऐसे विमान
स्पाइस जेट के पास करीब 12 ऐसे विमान हैं, जबकि जेट एयरवेज के पास ऐसे पांच विमान हैं. नागर विमानन मंत्रालय ने एक ट्विटर पर कहा कि डीजीसीए ने बोइंग 737-मैक्स विमानों के उड़ान भरने पर फौरन प्रतिबंध लगा दिया है. ये विमान तब तक उड़ान नहीं भरेंगे, जब तक कि सुरक्षित परिचालन के लिए उपयुक्त सुधार एवं सुरक्षा उपाय नहीं कर लिए जाते. मंत्रालय ने कहा कि हमेशा की तरह यात्रियों की सुरक्षा हमारी शीर्ष प्राथमिकता है. हम यात्री सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए दुनिया भर के नियामकों, एयरलाइनों और विमान निर्माताओं के साथ करीबी परामर्श करना जारी रखेंगे.

सुरेश प्रभु ने ये कहा
नागर विमानन मंत्री सुरेश प्रभु ने कहा कि सचिव को निर्देश दिए हैं कि यात्रियों को असुविधा से बचाने के लिए आकस्मिक योजना तैयार करने के लिए सभी एयरलाइंस के साथ एक आपातकालीन बैठक करें. यात्रियों की सुरक्षा के समझौता नहीं किया जा सकता. वहीं, यात्रियों के सफर पर इसका न्यूनतम असर पड़े, इसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं क्योंकि उनकी सुविधा अहम है.