Bofors guns deployed in a forward area along the LAC in Arunachal Pradesh, News: इंडियन आर्मी ने अरुणाचल प्रदेश सेक्टर में एलएसी के लगे इलाके में बोफोर्स तोपों की भी तैनाती कर दी है. भारत ने यह कदम अरुणाचल प्रदेश सेक्टर के सामने के क्षेत्र में चीन ने अपनी तरफ अंदरूनी इलाकों में सेना की तैनाती और सैन्य अभ्यास बढ़ाया है. एक कमांडर ने बताया कि किसी भी आकस्मिक स्थिति का जवाब देने के लिए भारत की तैयारी अत्यंत उच्च स्तर की है. भारत ने क्षेत्र में सुरक्षा संबंधी हर प्रकार की चुनौती से निपटने के लिए इसी के अनुसार योजनाएं तैयार की हैं. 22 साल पहले कारग‍िल वार में बोफोर्स तोपों ने न‍िर्णायक भूमिका न‍िभाई थी.Also Read - अफगानिस्तान को पाकिस्तान के रास्ते मानवीय सहायता पहुंचाएगा भारत, विदेश मंत्रालय ने कहा- रोडमैप तैयार कर रहे हैं

चीन को जवाब देने के लिए एलएसी पर भारत ने बड़ी तैयारी की और कारगिल वार में निर्णायक भूमिका निभा चुकी बोफोर्स तोपें तैनात की हैं. यह तैयारी बम-ला, तवांग सेक्टर में वास्तविक नियंत्रण रेखा के साथ भारत और चीन के बीच सीमा मिलन बिंदु के पास देखी गई है. Also Read - टेस्ट शतक जड़ श्रेयस अय्यर ने पूरी की कोच प्रवीण आमरे की ये शर्त, भारतीय बल्लेबाज ने बताया पूरा किस्सा

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आर्मी के पास ATAGS होवित्जर तोपें भी हैं,  जिनकी मारक क्षमता 48 किलोमीटर 
डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन DRDO ने देश में बनी ATAGS होवित्जर तोपें भी प‍िछले साल सेना को सौंपी थीं. होवित्जर ATAGS तोप की मारक क्षमता की रेंज 48 किलोमीटर है. ये बोफोर्स की एडवांस वर्जन की तोपें देश में ही तैयार की गईं थीं और इन्‍हें पिछले साल आर्मी को सौंपा गया था. डीआरडीओ ने दावा किया था यह दुनिया की सबसे अच्छी बंदूक है, कोई अन्य देश ऐसी तोप प्रणाली विकसित करने में सक्षम नहीं है. होवित्जर ATAGS तोप एक मिनट में पांच राउंड बोफोर्स और दुनिया की बाकी तोपें एक पांच मिनट में 3 फायर ही कर सकती है बोफोर्स 32 किलोमीटर दूर तक ही मार कर सकती है.

माउंटेन स्ट्राइक कोर अब पूरी तरह अभियान संचालन में
बता दें कि सीमा पर चीन की तरफ कुछ क्षेत्रों में नए गांव स्थापित किए हैं और भारत ने अपनी अभियानगत रणनीति में इसका संज्ञान लिया है, क्योंकि आवासों को सैन्य उद्देश्यों के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकता है. पूर्वी क्षेत्र में 1,300 किलोमीटर से अधिक लंबी एलएसी पर भारतीय सेना की अभियानगत तैयारियों को देख रहे कमांडर ने यह भी कहा कि उसकी माउंटेन स्ट्राइक कोर अब पूरी तरह अभियान संचालन में है और इसने अन्य इकाइयों के साथ प्रामाणिक और एकीकृत प्रशिक्षण प्राप्त किया है.

निर्मित हेरॉन ड्रोन का एक बड़ा बेड़ा पर्वतीय क्षेत्र में एलएसी पर चौबीसों घंटे निगरानी कर रहा
सेना दूर से संचालित विमानों के बेड़े का उपयोग कर क्षेत्र में एलएसी पर दिन और रात निगरानी भी कर रही है. इजराइल निर्मित हेरॉन ड्रोन का एक बड़ा बेड़ा पर्वतीय क्षेत्र में एलएसी पर चौबीसों घंटे निगरानी कर रहा है और कमान एवं नियंत्रण केंद्रों को महत्वपूर्ण डेटा एवं चित्र भेज रहा है. ड्रोन के साथ ही भारतीय सेना की विमानन शाखा ने क्षेत्र में उन्नत हल्के हेलीकॉप्टर रुद्र की तैनाती की है, जिससे क्षेत्र में इसका मिशन और तीव्र हुआ है. पिछले साल पूर्वी लद्दाख में चीन के साथ तनाव बढ़ने के बाद भारत ने सामरिक लाभ हासिल करने के लिए बुनियादी ढांचे के विकास में तेजी लाने के साथ ही एलएसी पर सैनिकों की समग्र तैनाती बढ़ा दी थी.