कोलकाता. पश्चिम बंगाल में राजनीतिक जड़ें जमाने की कोशिश में लगी भारतीय जनता पार्टी को सोमवार को झटका लगा, जब यहां के प्रसिद्ध गायक ने पार्टी के एक कार्यक्रम में शामिल होने से इनकार कर दिया. दरअसल, प्रसिद्ध पार्श्वगायक कुमार सानू (Kumar Sanu) ने सोमवार को इस बात से इनकार किया कि उन्होंने राज्य में भाजपा द्वारा आयोजित रथयात्रा कार्यक्रम में हिस्सा लेने की अनुमति दे दी है. उन्होंने आरोप लगाया कि इस आयोजन से उनके नाम को जोड़ना एक ‘साजिश’ है. कुमार सानू वर्ष 2012 में भाजपा में शामिल हुए थे. आपको बता दें कि भाजपा सात, नौ और 14 दिसंबर को क्रमश: उत्तर बंगाल के कूच बिहार, दक्षिणी 24 परगना जिले के गंगासागर और बीरभूम जिले के तारापीठ से तीन रथयात्राएं आयोजित कर रही है. Also Read - Latest Railways News: रेलवे इस राज्‍य में 2 दिसंबर से चलाएगा 54 ट्रेनें

‘आशिकी’ फिल्म के गानों से मशहूर हुए सिंगर कुमार सानू ने भाजपा के पदाधिकारियों के रवैये पर भी सवाल उठाया. उन्होंने कहा, “पार्टी के लोगों ने कोई सूची बनाई है, लेकिन मेरा नाम शामिल करने से पहले मुझे सूचित करना चाहिए था. कोलकाता के लोग मुझे प्यार करते हैं, इसलिए मुझे लगता है कि यह एक साजिश है. लेकिन मैं इसमें नहीं आ रहा..यह संभव नहीं है, क्योंकि इस बारे में मुझसे कोई चर्चा नहीं हुई है.” सानू ने कहा कि वह अब भाजपा के सदस्य नहीं हैं. उन्होंने कहा, “मैं भाजपा से 2012 में इसलिए जुड़ा, क्योंकि मुझे लगा था कि मेरे संगीत विद्यालय को कुछ मदद मिलेगी. लेकिन अनाथ बच्चों के लिए विभिन्न शहरों में संचालित मेरे विद्यालय को कोई मदद नहीं मिली, इसलिए मैंने पार्टी छोड़ दी थी.” Also Read - West Bengal Latest News: 50 से ज्‍यादा TMC नेता बीजेपी में होंगे शामिल, भाजपा सांसद का दावा

सानू ने कहा कि उन्होंने कई मौकों पर स्पष्ट कर दिया है कि वह किसी राजनीतिक पार्टी से संबद्ध नहीं हैं, और वह सिर्फ संगीत के बारे में सोचते हैं. भाजपा की राज्य इकाई के महासचिव सायंतन बसु ने कहा कि पार्टी चाहती थी कि वह कार्यक्रम में आएं, क्योंकि वह अभी भी पार्टी के सदस्य हैं. बसु ने कहा, “हमें नहीं पता कि वह क्यों नहीं आ रहे हैं या अपनी सदस्यता से इनकार क्यों कर रहे हैं और वह किसके दबाव में हैं. लेकिन हम चाहते थे कि वह आएं, इसलिए हमने इसके लिए केंद्र से संपर्क किया था.” Also Read - बिहार: बीजेपी ने सुशील कुमार मोदी को बनाया राज्यसभा उम्मीदवार, राम विलास पासवान के निधन से खाली हुई थी सीट